Tuesday , 19 January 2021

फ्रोजन फूड को सेहत के लिए हानिकारक, पहुंच सकते हैं बहुत अधिक नुकसान

लंदन . बदलते लाइफस्टाइल और समय की कमी के कारण फ्रोजन और पैक्ड फूड्स का चलन बढ़ गया है. ताजे खाने की तुलना में फ्रोजन फूड को सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है. फ्रोजन फूड में हाइड्रोजेनेटेड पाम ऑयल का इस्तेमाल होता है, जिसमें हानिकारक ट्रांस फैट होते हैं. इसके अलावा इनमें स्टार्च और ग्लूकोज से बने कॉर्न सिरप जैसे प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल होता है.

फ्रोजन फूड्स में सोडियम की मात्रा भी काफी ज्यादा होती है. इसके चलते शरीर में कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. इन फूड्स को कभी-कभी खाया जा सकता है लेकिन इसे आदत बनाने से बचना चाहिए. फ्रोजन फूड्स को ताजा रखने के लिए स्टार्च का इस्तेमाल किया जाता है. ये स्टार्च खाने में स्वाद बढ़ाने के साथ इसे दिखने में भी अच्छा बनाता है. पचाने से पहले हमारा शरीर इस ग्लूकोज को शुगर में बदल देता है. शुगर की ज्यादा मात्रा डायबिटीज होने की संभावना बढ़ा देती है. इसके अलावा ये शरीर के ऊतकों को भी नुकसान पहुंचाता है.

फ्रोजन और प्रोसेस्ड फूड से जूड़ा दूसरा खतरा दिल की बीमारियों का है. इन फूड्स में मौजूद ट्रांस फैट्स क्लॉज्ड धमनियों की समस्या बढ़ाते हैं. ट्रांस फैट्स शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को घटाते हैं जिसकी वजह से दिल की बीमारी का खतरा और बढ़ जाता है. इसमें सोडियम की ज्यादा मात्रा पाई जाती है जिससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है. फ्रोजन फूड में फैट बहुत ज्यादा पाया जाता है.

फैट में कार्बोहाइड्रेट या प्रोटीन की तुलना में दोगुनी मात्रा में कैलोरी होती है. जैसे एक कप फ्रोजन चिकन में लगभग 600 कैलोरी होती हैं, जो आधे से भी ज्यादा फैट से आती हैं. फ्रोजन फूड को पोषक से भरपूर बताकर इसका प्रचार किया जाता है लेकिन सच ये है कि ये बॉडी के लिए बहुत खतरनाक होते हैं. बहुत ज्यादा फ्रोजन फूड खाने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. शोध से पता चलता है कि फ्रोजन फूड, खासतौर से फ्रोजन मीट खाने से पैनक्रिएटिक कैंसर की संभावना बढ़ जाती है. स्टडी के अनुसार, फ्रोजन हॉट डॉग, मसालेदान नॉनवेज और सॉस खाने से कैंसर का खतर 65 फीसदी तक बढ़ जाता है.

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