Friday , 14 May 2021

आय बढाने में मैत्री गौसेवकों की हो सकती है महत्वपूर्ण भूमिका

भोपाल (Bhopal) . प्रदेश के ‎किसानों की आय दोगुना (guna) करने एवं पशुपालन का राजस्व बढाने में मैत्री गौसेवकों की महत्वपूर्ण भू‎मिका हो सकती है. संघ ने प्रदेश के पशुपालन मंत्री प्रेम ‎सिंह पटेल को ज्ञापन सौंपकर कहा है ‎कि केंद्र सरकार (Central Government)की योजना राष्ट्रीय गोकुल ‎मिशन क्रत्रिम गर्भाधान के तहत नस्ल सुधार कार्यक्रम करने पर ‎विशेष फोकस कर रही है. संघ ने मांग की है ‎कि सन 1962 की योजना को क्रत्रिम गर्भाधान राष्ट्रीय गोकुल ‎मिशन से जोड दे तो योजना के बेहतर नतीजे प्राप्त हो सकते हैं.

संघ का कहना है ‎कि हमारे क्रत्रिम गर्भाधान मैत्री गौसेवक प्रशिक्षित है और उनको मात्र 100 रुपए रोजाना मानदेय एवं 3000 रुपए प्रतिमाह मानदेय देकर शासन की ओर से च‎लित पशु संजीवनी 1962 की ओपीडी जो 150 रुपए प्रति टिकट जनरेट होता है. पशु मालिक से ‎ली गई यह राशि सरकार के राजस्व खाते में जुड जाएगी. इससे सरकार का प्र‎ति माह 15000 रुपए राजस्व भी बढेगा. संगठन का कहना है ‎कि इससे ‎किसानों की आय भी दोगुनी हो जाएगी और क्रत्रिम गर्भाधान से गाय, भैंस का दुग्ध उत्पादन भी बढ जाएगा एवं नस्ल सुधार भी हो जाएगा. इससे क्रत्रिम गर्भाधान मैत्री गौसेवकों को रोजगार भी प्राप्त हो जाएगा.ज्ञापन सौंपने वालों में मप्र गौसेवक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश धौलपुर (Dholpur)े, प्रदेश महामंत्री दिनेश धाकड, प्रदेश मंत्री श्याम यादव शा‎मिल थे.

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