Tuesday , 13 April 2021

स्मार्ट सिटी की दौड़ में पीछे रहे बिहार के चार जिले, अधिकांश योजनाएं और टेंडर रहे अधूरे

पटना (Patna) . केंद्र सरकार (Central Government)द्वारा चय‎नित ‎किए गए ‎बिहार (Bihar) के चार शहर स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में पीछे रह गए हैं. इनमें भागलपुर, बिहारशरीफ, मुजफ्फरपुर तथा पटना (Patna) शा‎मिल हैं. यह चारों शहर अभी स्मार्ट होने की दौड़ में काफी पीछे हैं. यहां अधिकांश योजनाएं और टेंडर की प्रक्रिया अधूरी हैं. इसके अलावा कम महत्व की योजनाओं को हटाकर, उनकी जगह दूसरे जरूरी कामों को शामिल किया जा रहा है. राज्य के स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित चारों शहरों में अभी विकास कार्यों का जमीन पर उतरना बाकी है.

इतना ही नहीं स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में भी चारों स्मार्ट सिटी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था. पटना (Patna) में इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर में 300 करोड़ से अधिक का टेंडर घोटाला पूर्व में सामने आ चुका है. फिर सरकार ने इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर का काम बेल्ट्रान की मदद से कराने का फैसला किया. इसमें कई और चीजें जोड़ी जा रही हैं. यह कंट्रोल कमांड सेंटर स्मार्ट सिटी का सबसे प्रमुख घटक है. इनका निर्माण चारों शहरों में होना है मगर अभी कहीं भी नहीं हो पाया है. योजनाओं में यह बदलाव बाकी स्मार्ट सिटी में भी हो रहे हैं. अभी पूरे पटना (Patna) शहर में सुरक्षा की दृष्टि से इसी योजना के तहत कैमरे भी लगाए जाने हैं मगर इसकी शुरुआत नहीं हो पाई है. विभिन्न वार्डों में खुलने वाले नागरिक सुविधा केंद्रों की संख्या भी घटाई गई है. दूसरी योजनाएं जोड़ी जा रही हैं. अदालतगंज तालाब का काम भी स्मार्ट सिटी योजना के तहत हुआ है. जानकारी के मुता‎बिक, चारों स्मार्ट सिटी में काम पूरे होना तो दूर स्टाफ तक का संकट था. सीजीएम सहित विभिन्न पदों के लिए जो अर्हता तय थी, उस पर काम करने के लिए लोग ही नहीं मिले.

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