विदेश यात्राएं : दुनिया को भारतीय धार्मिक विरासत की झलक दिखाते पीएम मोदी

बैंकॉक, 3 अप्रैल, . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बैंकॉक पहुंचने पर रामायण के थाई संस्करण ‘रामकियेन’ को देखा. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘एक अद्वितीय सांस्कृतिक जुड़ाव! थाई रामायण, रामकियेन का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा. यह वास्तव में समृद्ध अनुभव था जिसने भारत और थाईलैंड के बीच साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया रामायण एशिया के इतने सारे हिस्सों में दिलों और परंपराओं को जोड़ता है.”

प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे में भारत की धार्मिक विरासत की झलक देखने को मिलती है. प्रधानमंत्री मोदी ने हर वैश्विक यात्रा को भारत की समृद्ध परंपराओं के प्रदर्शन में बदल दिया है.

मार्च 2025 में मॉरीशस की यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा तालाब का दौरा किया जो भारत और मॉरीशस के बीच आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है. उन्होंने वहां त्रिवेणी संगम का पवित्र जल चढ़ाया.

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष दिसंबर में कुवैत यात्रा के दौरान दो कुवैती नागरिकों से मुलाकात की थी, जो महाभारत और रामायण के अरबी संस्करणों का अनुवाद और प्रकाशन करने के लिए प्रसिद्ध हैं.

नवंबर 2024 में ब्राजील यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का मंत्रोच्चार के साथ स्वागत किया गया. इसी यात्रा के दौरान उन्होंने रियो डी जेनेरियो में रामायण का मंचन भी देखा.

नवंबर 2024 में गुयाना में प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण राम भजनों के साथ-साथ वैदिक मंत्रोच्चार भी देखा.

पिछले साल अक्टूबर में रूस के कजान में प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में रूसी नागरिकों ने कृष्ण भजन गाया था.

पिछले वर्ष ही लाओस में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत स्थानीय लोगों ने गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ किया था. इस यात्रा के दौरान उन्होंने लाओ रामायण का मनमोहक प्रस्तुती भी देखी. 2021 में इटली की यात्रा के दौरान, रोम में पीएम की मौजूदगी में शिव मंत्र का जाप किया गया था.

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