नवसारी, 2 अप्रैल . गुजरात में नवसारी के वेस्मा इलाके में एक पेपर मिल में बुधवार को भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
गोदाम से धुएं का घना गुबार उठता दिखा और आग की लपटें तेजी से फैलीं. खबर लिखे जाते समय नवसारी, सूरत, बारडोली और पलसाना से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी थीं और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी थीं.
आग लगने का कारण अभी तक अज्ञात है, अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं और आगे की जानकारी का इंतजार है.
इससे पहले, मंगलवार को राज्य के बनासकांठा के दीसा में एक पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग में 21 मजदूरों की मौत हो गई थी. लगातार हो रही आग की घटनाओं ने गुजरात भर में औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा उपायों को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
गुजरात में पिछले कुछ साल में कई बड़ी आग लगने की घटनाएं हुई हैं.
राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों, खासकर अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे शहरों में कारखानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और आवासीय भवनों में आग लगने की घटनाएं हुई हैं.
सबसे दुखद घटनाओं में से एक 2019 में सूरत कोचिंग सेंटर में लगी आग थी, जिसमें 22 युवकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद राज्य भर में अग्नि सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया गया.
गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) क्षेत्रों में रासायनिक और कपड़ा कारखानों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें अक्सर बिजली के शॉर्ट सर्किट, ज्वलनशील पदार्थों के अनुचित भंडारण या सुरक्षा मानकों का पालन न करने के कारण माना जाता है.
सूरत में हीरा पॉलिशिंग इकाइयां और कपड़ा कारखाने विशेष रूप से संसाधित सामग्री की प्रकृति और कभी-कभी अपर्याप्त सुरक्षा उपायों के कारण आग के खतरों के प्रति संवेदनशील रहे हैं. अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग पूरे राज्य में आग की रोकथाम और प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने के लिए काम कर रहा है.
बड़ी घटनाओं के बाद, राज्य सरकार ने समय-समय पर औद्योगिक इकाइयों, स्कूलों, अस्पतालों और वाणिज्यिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट शुरू किए हैं ताकि अग्नि सुरक्षा मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके. हालांकि, कार्यान्वयन और प्रवर्तन की चुनौतियां बनी हुई हैं.
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एकेजे/