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Friday, 30 October 2026
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राहुल गांधी के परिवार पर विवादित टिप्पणी करना पड़ा भारी, कर्नाटक के भाजपा विधायक पर एफआईआर दर्ज

राहुल गांधी के परिवार पर विवादित टिप्पणी करना पड़ा भारी, कर्नाटक के भाजपा विधायक पर First Information Report  दर्ज

Bengaluru, 29 जुलाई . कर्नाटक में भाजपा के विधायक यशपाल सुवर्णा की एक विवादित टिप्पणी को लेकर Political विवाद खड़ा हो गया है. Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के परिवार को लेकर दिए गए बयान के बाद Police ने उनके खिलाफ First Information Report दर्ज कर ली है.

Wednesday को उडुपी टाउन Police स्टेशन में यह मामला उडुपी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार कोडावूर की शिकायत पर दर्ज किया गया. Police ने विधायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 57, 192, 196(2), 352, 353(2) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है.

जानकारी के मुताबिक, उडुपी में भाजपा द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यशपाल सुवर्णा ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “अगर आप लोग ऐसे ही नाटक करते रहे, तो जैसे 1992 में हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हमारी भावनाएं आहत होने पर बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था, उसी तरह कांग्रेस का वंश और राहुल गांधी का परिवार भी खत्म कर दिया जाएगा.”

इस बयान के सामने आते ही कर्नाटक की राजनीति गरमा गई. कांग्रेस ने भाजपा पर नफरत फैलाने वाली भाषा और धमकी की राजनीति करने का आरोप लगाया. विधायक के भाषण का वीडियो social media पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठने लगी.

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष और एमएलसी मंजूनाथ भंडारी ने कहा कि राज्य Government ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यशपाल सुवर्णा की टिप्पणी को ‘घृणित, अपमानजनक और भड़काऊ’ बताया और कहा कि संविधान की शपथ लेने वाले किसी जनप्रतिनिधि के लिए इस तरह की भाषा उचित नहीं है.

मंजूनाथ भंडारी ने आरोप लगाया कि भाजपा नीट पेपर लीक विवाद और उसे लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों से ध्यान हटाने के लिए राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले कर रही है.

उन्होंने कहा कि Political मतभेद कभी भी मानहानि, नफरत फैलाने वाले भाषण या धमकी का आधार नहीं बन सकते. इस तरह की टिप्पणी से खासकर तटीय कर्नाटक में सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. उन्होंने कहा कि वह इस मामले को राज्य के गृह मंत्री के सामने उठाकर जांच में तेजी लाने की मांग करेंगे.

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वीकेयू/पीएम

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