नई दिल्ली, 31 मार्च . वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को ‘नीति एनसीएईआर राज्य आर्थिक मंच’ पोर्टल लॉन्च करेंगी.
सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई.
नीति आयोग द्वारा राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) के सहयोग से विकसित यह पोर्टल, 1990-91 से 2022-23 तक की लगभग 30 वर्षों की अवधि के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजकोषीय मापदंडों, शोध रिपोर्टों, पत्रों और राज्य वित्त पर विशेषज्ञ टिप्पणियों से जुड़े डेटा का एक भंडार है.
पोर्टल के चार मुख्य घटक हैं, जिनमें 28 भारतीय राज्यों के राजकोषीय परिदृश्य के सारांश की राज्य वार रिपोर्ट शामिल हैं, जो जनसांख्यिकी, आर्थिक संरचना, सामाजिक-आर्थिक और राजकोषीय संकेतकों पर बनी है.
दूसरा घटक एक डेटा रिपॉजिटरी है, जो पांच वर्टिकल जनसांख्यिकी, आर्थिक संरचना, राजकोषीय, स्वास्थ्य और शिक्षा में वर्गीकृत संपूर्ण डेटाबेस तक सीधी पहुंच प्रदान करता है:
तीसरे घटक में राज्य राजकोषीय और आर्थिक डैशबोर्ड शामिल है – जो समय के साथ प्रमुख आर्थिक घटकों को ग्राफ में दर्शाता है, जो समरी टेबल के जरिए अतिरिक्त जानकारियों या डेटा अपेन्डिक्स के जरिए रॉ डेटा तक क्विक एक्सेस उपबल्ध करवाता है.
चौथे घटक में रिसर्च और टिप्पणी शामिल है, जो राज्य के वित्त और राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजकोषीय नीति और वित्तीय प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर शोध पर आधारित है.
पोर्टल मैक्रो, राजकोषीय, जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक रुझानों को समझने में मदद करेगा. पोर्टल यूजर फ्रेंडली फॉर्मेट के साथ डेटा तक आसान पहुंच को सुनिश्चित करेगा और और एक ही जगह कंसोलिडेटेड सेक्टोरल डेटा की जरूरत को पूरा करेगा.
यह पोर्टल प्रत्येक राज्य के डेटा को अन्य राज्यों और राष्ट्रीय आंकड़ों के साथ बेंचमार्क करने में और मदद करेगा. यह नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और अन्य लोगों के लिए एक मंच भी प्रदान करेगा जो सूचित बहस और चर्चाओं के लिए डेटा का उल्लेख करने में रुचि रखते हैं.
पोर्टल एक बड़े शोध केंद्र के रूप में भी काम करेगा, जो गहन शोध अध्ययनों के लिए डेटा और विश्लेषणात्मक उपकरणों को प्रदान करेगा.
पोर्टल सूचना के केंद्रीय भंडार के रूप में कार्य करेगा, जो पिछले 30 वर्षों के सामाजिक, आर्थिक और राजकोषीय संकेतकों के व्यापक डेटाबेस तक पहुंच प्रदान करेगा.
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एसकेटी/केआर