फीफा ने ईरान के पक्ष में लिया बड़ा फैसला, वर्ल्ड कप बेस कैंप को मेक्सिको स्थानांतरित किया

New Delhi, 24 मई . फीफा ने ईरान के 2026 फीफा विश्व कप के लिए अपने ट्रेनिंग बेस को अमेरिका से मेक्सिको शिफ्ट करने के अनुरोध को मंजूरी दे दी है. यह फैसला यात्रा से जुड़ी मुश्किलों, वीजा प्रक्रियाओं और टूर्नामेंट से जुड़ी व्यापक भू-Political संवेदनशीलताओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते लिया गया है.

इस फैसले की घोषणा इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के फुटबॉल फेडरेशन प्रमुख मेहदी ताज ने की. उन्होंने पुष्टि की कि इस्तांबुल में फीफा और टूर्नामेंट अधिकारियों के साथ बातचीत और फीफा के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ एक फॉलो-अप वर्चुअल मीटिंग के बाद ईरान के अनुरोध को मंजूरी मिल गई है.

फेडरेशन द्वारा जारी एक बयान में ताज ने कहा, “वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाले देशों के सभी टीम बेस कैंप को फीफा से मंजूरी मिलना जरूरी है. सौभाग्य से, हमारे द्वारा किए गए अनुरोधों और इस्तांबुल में फीफा और वर्ल्ड कप अधिकारियों के साथ हमारी मुलाकातों के बाद, साथ ही कल तेहरान में फीफा के सम्मानित महासचिव के साथ हुई हमारी वेबिनार मीटिंग के बाद, यूनाइटेड स्टेट्स से मेक्सिको में टीम का बेस बदलने के हमारे अनुरोध को मंजूरी मिल गई.”

ताज ने आगे कहा कि टीम “ईरान एयर की उड़ानों का इस्तेमाल करके मेक्सिको आ-जा भी सकती है.”

ईरानी फुटबॉल अधिकारियों का मानना ​​है कि इस बदलाव से प्रतियोगिता के दौरान यूनाइटेड स्टेट्स में प्रवेश करने और यात्रा करने से जुड़ी परिचालन संबंधी मुश्किलें कम होंगी. फेडरेशन के अधिकारियों ने संकेत दिया कि टिजुआना में कैंप स्थापित करने से खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सहायक कर्मचारियों के लिए वीजा प्रक्रियाएं आसान हो सकती हैं, साथ ही यात्रा में भी ज्यादा लचीलापन आ सकता है.

फेडरेशन ने टिजुआना की भौगोलिक स्थिति के फायदों पर भी जोर दिया. सैन डिएगो के पास यूएस सीमा के करीब स्थित यह शहर ईरान के ग्रुप-स्टेज मैचों तक पहुंचने में आसानी प्रदान करता है, जिनमें से दो मैच कैलिफोर्निया में खेले जाएंगे. फेडरेशन ने कहा कि नए बेस में ट्रेनिंग की सभी सुविधाएं, जिम, निजी रेस्टोरेंट और टीम की जरूरत की हर चीज मौजूद है.

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब टूर्नामेंट में ईरान की भागीदारी को लेकर Political तनाव काफी बढ़ गया है. इस महीने की शुरुआत में, फीफा कांग्रेस से पहले ताज को कथित तौर पर कनाडा में प्रवेश करने से रोक दिया गया था. इसकी वजह ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से उनके कथित संबंध बताए गए थे, जिसे कनाडा ने 2024 में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था.

ट्रेनिंग बेस में बदलाव के बावजूद, ईरान अपने ग्रुप जी के सभी मैच अमेरिका में ही खेलेगा. ईरान अपने अभियान की शुरुआत 15 जून को सोफी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगा, जिसके छह दिन बाद इसी जगह पर उसका मुकाबला बेल्जियम से होगा. उनका ग्रुप-स्टेज का आखिरी मैच 26 जून को ल्यूमेन फील्ड में मिस्र के खिलाफ होगा.

ईरान ने मूल रूप से अपना वर्ल्ड कप बेस टक्सन, एरिजोना में बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब टीम टूर्नामेंट के दौरान टिजुआना, मेक्सिको से काम करेगी. इस टूर्नामेंट की संयुक्त मेजबानी यूनाइटेड स्टेट्स (अमेरिका), कनाडा और मेक्सिको 11 जून से 19 जुलाई तक करेंगे.

पीएके

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