श्रीलंका तट के पास डूबा आग लगने से तबाह जहाज, पैदा हुई पर्यावरणीय आपदा की आशंका

कोलंबो . श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के तट के पास गुरुवार (Thursday) को वह मालवाहक जहाज डूब गया, जिसमें करीब एक माह पहले आग लग गई थी. जहाज पर रसायन लदा था और इसके डूबने के साथ ही पर्यावरणीय आपदा पैदा होने की आशंका उत्पन्न हो गई है. जहाज के संचालक ने कहा कि सिंगापुर के ध्वज वाले एक्स-प्रेस पर्ल का मलबा अब पूरी तरह समुद्र की तलहटी पर बैठ गया है.
एक्स-प्रेस फीडर्स ने कहा किसी तरह के मलबे और तेल बिखरने की स्थिति से निपटने के लिए एक बचाव दल घटनास्थल पर मौजूद है. श्रीलंका के समुद्री पर्यावरण संरक्षण प्राधिकरण की प्रमुख दर्शिनी लहन्दापुरा ने भी जहाज के डूबने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा समुद्र के अशांत होने के चलते फिलहाल जहाज के मलबे को हटाना असुरक्षित है. उन्होंने कहा अभी समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं. समुद्र के अशांत होने की वजह से अभी कुछ भी नहीं किया जा सकता है. मानसून का मौसम पिछले महीने शुरू हुआ था और यह आमतौर पर सितम्बर में समाप्त होता है.

उन्होंने कहा तब तक के लिए जहाज के मालिक ने एक कार्यवाहक कंपनी नियुक्त की है. पूरे क्षेत्र की देखभाल कार्यवाहक कंपनी द्वारा की जाएगी जब तक कि मालिक मलबे को हटाने वाली कंपनी की नियुक्ति नहीं करता. जहाज में आग 20 मई को लगी थी, जब यह जहाज कोलंबो के उत्तर-पश्चिम में लगभग 9.5 समुद्री मील की दूरी पर लंगर डाले हुए था और बंदरगाह में प्रवेश करने की प्रतीक्षा कर रहा था. श्रीलंकाई नौसेना का मानना है कि जहाज में रखे रसायनों के कारण आग लगी, जहाज में 25 टन नाइट्रिक एसिड और अन्य रसायन लदे हुए थे. आग में अधिकतर रसायन जल गया लेकिन आशंका हैं कि जहाज पर बचे रसायनों और तेल के बिखरने से समुद्री जनजीवन को नुकसान पहुंच सकता है. जहाज डूबने से पहले प्राधिकारी पिछले हफ्ते आग बुझाने में सफल हो गए थे. संयुक्त राष्ट्र और कुछ अन्य देशों से समुद्री पर्यावरण और तटीय इलाकों को हुए नुकसान का आकलन करने में मदद मांगी गई है. श्रीलंका ने एक्स-प्रेस फीडर्स को चार करोड़ डॉलर (Dollar) का हर्जाना देने को कहा है.

 

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