Sunday , 6 December 2020

कृषि कानूनों से भड़के किसान दिल्ली 26 नवंबर से बड़े प्रदर्शन का ऐलान

नई दिल्ली (New Delhi) . देशभर के अलग-अलग किसान संगठनों के नेताओं ने ऐलान किया कि केंद्र सरकार (Central Government)(Central Government) की ओर से लाए गए कृषि कानूनों के विरोध में 26 नवंबर से दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें राजधानी में नहीं घुसने दिया जाता है तो दिल्ली जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया जाएगा. प्रदर्शन की अगुआई के लिए चंडीगढ़ (Chandigarh) में 500 किसान यूनियनों की ओर से संयुक्त किसान मोर्चा का गठन किया गया है. इस मामले से जुड़े एक किसान नेता ने बताया कि मांगें पूरी होने तक किसान संसद के बाहर प्रदर्शन करेंगे.

उन्होंने कहा हमें प्रदर्शन की अनुमति दी जाती है नहीं, लेकिन किसान संसद पहुंचेंगे. भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा (Haryana) ईकाई के प्रमुख गुरुनाम सिंह छाधुनी ने कहा, ”हम नहीं जानते हैं कि प्रदर्शन कितना लंबा चलेगा, लेकिन हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं. किसान तीन से चार महीने तक रुकने का प्रबंध कर रहे हैं. सितंबर में संसद से तीन कृषि कानूनों को पास कराया गया था. सरकार ने इन्हें कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी बताते हुए कहा था कि इससे किसानों को अपना उत्पाद बेचने में अधिक विकल्प मिलेंगे. कुछ विशेषज्ञों ने सरकार के इस कदम की तारीफ भी की लेकिन किसान संगठनों और विपक्षी दलों का आरोप है कि इन कानूनों से सिर्फ केवल बड़े व्यापारियों को फायदा होगा.

छाधुनी ने कहा कि सरकार लोगों को राजधानी जाने से नहीं रोक सकती है. उन्होंने कहा, ”यदि ऐसा होता है तो हमारे लिए वैकल्पिक प्लान मौजूद है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उनका दूसरा प्लान क्या है. पश्चिम बंगाल (West Bengal) से सात बार के सांसद (Member of parliament) और ऑल इंडिया किसान सभा के प्रेजिडेंट हन्नान मोल्लाह और ऑल इंडिया किसान महा संघ के संयोजक शिव कुमार काकाजी ने कहा कि प्रदर्शन तभी समाप्त होगा जब नए कानूनों को भंग करने की उनकी मांग को पूरा कर दिया जाता है.

उन्होंने कहा कि तेलंगाना, छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) और आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh)के किसान भी प्रदर्शन में शामिल होंगे, जिनमें पंजाब, हरियाणा (Haryana) , राजस्थान (Rajasthan), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और मध्य प्रदेश के किसानों की सक्रिय भूमिका होगी. पंजाब (Punjab) के किसान संगठन हर गांव से 11 ट्रैक्टर लेकर दिल्ली आएंगे. मोल्लाह ने कहा, ”देशभर के किसान अपने राज्यों में भी प्रदर्शन करेंगे, जिसके लिए प्लान तैयार है. पंजाब (Punjab) के एक किसान नेता बीएस राजेवल ने कहा कि यदि केंद्र सरकार (Central Government)(Central Government) उन्हें बातचीत के लिए बुलाती है तो वे बैठक में शामिल होंगे लेकिन 26 नवंबर से प्रदर्शन जारी रहेंगे.