Sunday , 11 April 2021

बिहार के हर जिले में होंगे कम से कम एक किन्रर दारोगा और 4 कॉन्स्टेबल

पटना (Patna) . अगर सबकुछ तय नियमों के हिसाब से चला तो बिहार (Bihar) के हर जिले में कम से कम एक किन्नर दारोगा की पोस्टिंग होगी. यह जानकारी सरकार ने पटना (Patna) हाईकोर्ट में दी है. सरकार ने पटना (Patna) हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि राज्य की कुल आबादी में किन्नरों की 0.039 जनसंख्या है. उसी जनसंख्या के आधार पर राज्य सरकार (State government) ने कोटा निर्धारित कर दिया है. ऐसी स्थिति में हर जिले में कम से कम एक किन्नर दारोगा की पोस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है.

हाईकोर्ट में पुलिस (Police) बहाली में किन्नरों के आरक्षण के मामले पर अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कार्रवाई रिपोर्ट पेश की. चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने वीरा यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई की.

राज्य सरकार (State government) की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया कि जब पुलिस (Police) में बहाली होगी तो हर जिले में एक पद अधिकारी और 4 पद कांस्टेबल के किन्नरों के लिए आरक्षित होंगे. साथ ही कोर्ट ने 14 दिसंबर, 2020 के उस आदेश में संशोधन किया जिसमें कोर्ट ने पुलिस (Police) बहाली के अंतिम परिणाम पर रोक लगा दी थी यानी अब पुलिस (Police) बहाली की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी. याचिकाकर्ता वीरा यादव का कहना था कि किन्नरों को सामाजिक न्याय नहीं मिल रहा है. जो पढ़े-लिखे और सभी कार्य में कुशल हैं, उन्हें पुलिस (Police) में आरक्षण नहीं मिल रहा है.

राज्य सरकार (State government) के वकील अजय ने कोर्ट से कहा कि किन्नरों के लिए पुलिस (Police) विभाग में स्पेशल यूनिट बना है, ताकि सामाजिक विसंगतियों को दूर किया जा सके. आनेवाले समय में भी उन्हें अन्य प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी. 2017 में तमिलनाडू में भारत की पहली किन्रर दारोगा की तैनाती हुई थी. चेन्नई (Chennai) के चोलाईमेडू पुलिस (Police) स्टेशन में 9 अक्टूबर 2017 को ट्रांसजेंडर के पृथिका याशिनी ने बतौर सब इंस्पेक्टर पुलिस (Police) फोर्स ज्वाइन की थी.

 

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