अस्पताल के कर्मचारियों को पूरे देश के लिए आदर्श अस्पताल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया – Daily Kiran
Thursday , 28 October 2021

अस्पताल के कर्मचारियों को पूरे देश के लिए आदर्श अस्पताल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया

नई दिल्ली (New Delhi) . केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने यहां सफदरजंग अस्पताल में कई रोगी केंद्रित सुविधाओं का उद्घाटन किया. उन्होंने अस्पताल के नए ब्लॉक में एक बाल दुर्व्‍यवहार देखभाल केन्‍द्र और बुजुर्ग दुर्व्‍यवहार देखभाल केंद्र के साथ-साथ तीसरे पीएम-केयर्स प्रेशर स्विंग एडजॉर्प्शन ऑक्सीजन प्लांट (क्षमता 1 मीट्रिक टन) और अस्पताल परिसर में नए अस्थायी अस्पताल का उद्घाटन किया. उन्होंने एक पुस्तिका “क्वालिटी की बात” का विमोचन किया और अस्पताल को इसके प्रवेश स्तर का एनएबीएच प्रत्यायन प्रमाणपत्र भी प्रदान किया. मंडाविया ने इस बात पर प्रकाश डाला कि डॉक्टरों (Doctors) की प्रतिबद्धता और समर्पण स्वास्थ्य सेवा के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो केन्द्र सरकार के अस्पताल की नींव रखते हैं: उन्होंने कहा, “अस्पताल और डॉक्टर (doctor) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. एक के बिना दूसरा काम नहीं कर सकता. डॉक्टरों (Doctors) को उनके समर्पण और अपने काम पर ध्यान देने के कारण इसका एहसास नहीं हो सकता है, लेकिन उन्हें समाज में बहुत सम्मान मिलता है. कोरोना से हमें बचाने में उनकी प्रतिबद्धता ने इस सम्मान को काफी बढ़ा दिया है. अस्पताल इस लोकाचार का एक स्वाभाविक विस्तार होना चाहिए.

मंत्री मंडाविया ने अस्पताल में आने वाले रोगियों और उनके रिश्तेदारों के बोझ को कम करने में सुधार की गुंजाइश बताई. उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) के न्यू इंडिया के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए प्रणाली में सुधार के व्यापक बिंदु से जोड़ा. अस्पताल के कर्मचारियों को पूरे देश के लिए एक आदर्श अस्पताल बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने डॉक्टरों (Doctors) से व्यक्तिगत दृष्टिकोण से ध्यान हटाने और पूरे अस्पताल के कामकाज को एक टीम के रूप में देखने का आग्रह किया, ताकि अस्पताल के कामकाज को निर्बाध बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि यह अस्पताल की छवि को बदलने के लिए एक प्रेरणा के रूप में कार्य करेगा. मंडाविया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) की गुजरात (Gujarat) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) के रूप में उनके साथ काम करने का उदाहरण दिया. कर्मयोगी के उनके सिद्धांत ने सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केन्द्रों के कर्मचारियों सहित सरकारी अधिकारियों को बेहतर निष्पादन करने और सिस्टम में सुधार करने के लिए प्रेरित किया; व्यवहार परिवर्तन को संस्थागत रूप देने से व्यवस्था में परिवर्तन होता है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में मरीजों से बातचीत भी की.

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