Friday , 31 March 2023

जालोर में निकली गई इलोजी की बारात:झूमते नजर आए शहरवासी, प्रह्लाद चौक पहुंचने पर किया होलिका दहन

ढोल नगाड़ों के साथ होली के मौके पर आयोजित होने वाली इलोजी की बारात निकल गई. - Dainik Bhaskar

जालोर में सोमवार शाम को जिला मुख्यालय पर ढोल नगाड़ों के साथ होली के मौके पर आयोजित होने वाली इलोजी की बारात निकल गई. इलोजी की बारात शहर में सबसे आकर्षण का केंद्र रही. वहीं इलोगी की बारात निकलने के बाद प्रह्लाद चौक पर होलिका दहन किया गया.

बारात रवाना होने से पहले जिला कलेक्टर निशान्त जैन,अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक डॉ किरण कंग सिद्दू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुक्रति उज्जैनिया, नगर परिषद सभापति गोंविन्द टॉक, तहसीलदार पारस मल राठौड़ सहित अधिकारियों का आनंद भेरू मित्र मंडल द्वारा साफा और माला पहनाकर स्वागत किया गया. स्वागत करने के बाद होली की परंपराओं के साथ आनंद भेरुजी की बारात रवाना हुई. परंपरा के अनुसार हर साल की तरह सोमवार को होली के दिन किसी मजबूत व्यक्ति को राजा इलोजी अर्थात आनंद भेरुजी के रूप में तैयार किया जाता है. इस साल भी आनंद भैरव के रुप में कैलाश वैष्णव को इलोजी बनाया गया. बारात शहर के वीरमदेव चौक से रवाना हुई. कार्यक्रम के शुरुआत में चौक में विराजित आनंद भैरव की प्रतिमा की पूजा अर्चना की गई, उसके बाद बारात शहर वीरमदे चौक से गांधी चौक, सूरजपोल अस्पताल चौराहा, हरिदेव जोशी सर्किल, पंचायत समिति होते हुए भक्त प्रह्लाद चौक पहुंची, जहां होलिका दहन किया गया. इलोजी की बारात में पूरा जिला प्रशासन और शहरवासी मौजूद रहे.

आनंद भैरू को बनाया जाता है दूल्हा
होली के दिन यह बारात हर साल निकाली जाती है. बारात शहर के माणक चौक से निकलती है. इलोजी (आनंद भैरू) के रूप में एक युवक को दूल्हा बनाया जाता है. दूल्हे को सजाकर घोड़ी पर बैठाया जाता है. शहरवासी साफा बांधकर बारात में शामिल होते हैं. ढोल और डीजे पर नाचते हुए यह बारात माणक चौक, सूरजपोल, कलेक्ट्रेट, अस्पताल चौराहा, हरिदेव जोशी सर्किल से होते हुए पंचायत समिति और भक्त प्रह्लाद चौक तक पहुंचती है.

बारात के तौरण पर आते ही होता है दहन
इस बारात में शहरवासी दूल्हे (आनंद भैरू) के पक्ष से होते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के लोग और भक्त प्रह्लाद सेवा समिति दुल्हन (होलिका) के पक्ष से होते हैं. जैसे ही बारात तौरण पर पहुंचती है, तब तक होलिका का दहन कर दिया जाता है. इससे पहले बारातियों के स्वागत में ग्रामीण क्षेत्र से पहुंची महिलाएं गीत गाते हुए बारात का स्वागत भी करती हैं. साथ ही भक्त प्रह्लाद सेवा समिति की ओर से बारात में आने वाले शहरवासियों की खातिरदारी की जाती है. होलिका दहन के बाद महिलाएं लूर नृत्य भी करती हैं. प्रदेश में जालोर जिले में ही यह अनोखी बारात निकाली जाती है.

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