
कोलकाता, 2 अप्रैल . चुनाव आयोग ने Thursday शाम पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में सात न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई बदसलूकी की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है.
इससे पहले जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में Supreme Court की एक खंडपीठ ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे राज्य में कानून-व्यवस्था की पूरी विफलता बताया. कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले की जांच सीबीआई या एनआईए में से किसी एक एजेंसी से कराई जाए.
चुनाव आयोग ने एनआईए से इस मामले की जांच करने के लिए कहा है. एनआईए को भेजे गए पत्र में चुनाव आयोग की तरफ से लिखा गया है कि यह मामला पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक क्षेत्र में बीडीओ कार्यालय में चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव से संबंधित है, जिसे असामाजिक तत्वों द्वारा अंजाम दिया गया.
पत्र में आगे लिखा है कि Supreme Court ने घटना की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे केंद्रीय जांच ब्यूरो या राष्ट्रीय जांच एजेंसी, को सौंपने का आदेश दिया है. इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट भी इस न्यायालय में प्रस्तुत की जाए. साथ ही, जिस एजेंसी को जांच सौंपी जाएगी, वह अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सीधे इस न्यायालय को प्रस्तुत करेगी.
चुनाव आयोग ने एनआईए से कहा है कि आपसे अनुरोध है कि मामले की आवश्यक जांच करवाई जाए और न्यायालय के निर्देशानुसार प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सीधे Supreme Court में प्रस्तुत की जाए.
बता दें कि Wednesday को मालदा जिले के कालियाचक में सात न्यायिक अधिकारियों, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं. उन्हें एक ब्लॉक कार्यालय में बंधक बना लिया गया था. आरोप है कि अधिकारियों को बंधक बनाने में वे लोग शामिल थे, जिनके नाम ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के तहत चुनावी सूची से हटा दिए गए थे.
Thursday को वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में Police मौके पर पहुंची, प्रदर्शनकारियों को हटाया और न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला. उन्हें लगभग 9 घंटे तक घेरकर रखा गया था.
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एएमटी/डीएससी