पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी, नकदी-आभूषण समेत कई चीजें बरामद

कोलकाता, 9 अप्रैल . ईडी ने Thursday को एक बयान में बताया कि कोलकाता जोनल ऑफिस ने हाल ही में बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​​सोना पप्पू, जय एस. कामदार और अन्य से जुड़े एक मामले में कोलकाता भर में आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया.

तलाशी के दौरान, लगभग 1.47 करोड़ रुपए की नकदी, लगभग 67.64 लाख रुपए के सोने के गहने और चांदी, साथ ही कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए. तलाशी के दौरान एक फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई, जिसका इस्तेमाल बिस्वजीत पॉडर उर्फ ​​सोना पप्पू करता था.

इसके अलावा, दक्षिण कोलकाता के फ़र्न रोड स्थित बिस्वजीत पॉडर के घर से एक रिवॉल्वर बरामद की गई, जिस पर ‘मेड इन यूएसए’ लिखा हुआ था.​

ईडी ने बताया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और निडर चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में Enforcement Directorate के योगदान के तौर पर, इसे पश्चिम बंगाल Police विभाग को सौंप दिया गया.

Enforcement Directorate ने सोना पप्पू और अन्य लोगों के खिलाफ जांच शुरू की है. यह जांच पश्चिम बंगाल Police/कोलकाता Police की ओर से भारतीय दंड संहिता, 1860 और शस्त्र अधिनियम, 1959 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई कई First Information Report के आधार पर की जा रही है. इन लोगों पर दंगा करने, हत्या का प्रयास करने, आपराधिक साजिश रचने और शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप है.

सोना पप्पू सहित ये आरोपी व्यक्ति पश्चिम बंगाल राज्य में संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों में शामिल थे और उन्होंने गिरोह के संचालन के माध्यम से अवैध रूप से भारी मात्रा में धन कमाया.

सोना पप्पू दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क के पास कंकुलिया रोड पर हुई हिंसा के एक मामले में भी Police की ओर से वांछित है और फिलहाल फरार है. Enforcement Directorate ने सोना पप्पू को समन भी जारी किया है. हालांकि, वह अब तक जांच में शामिल नहीं हुआ है.

प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी की जांच में अब तक यह पता चला है कि अपराध से हासिल पैसा गैर-कानूनी गतिविधियों से कमाया गया था. इन गतिविधियों में जबरन वसूली, रियल एस्टेट प्रॉपर्टी पर कब्जा करना और सोना पप्पू और उसके साथियों की ओर से कंट्रोल की जाने वाली संस्थाओं के जरिए बिना इजाजत के बिल्डिंग बनाना शामिल है.

इस बीच, ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत, साउथ पॉइंट एजुकेशन सोसाइटी से 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम के गबन के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में, कृष्णा दमानी, उसके परिवार के सदस्यों और उसके कंट्रोल वाली संस्थाओं से जुड़ी 18.50 करोड़ रुपये की चल संपत्ति (म्यूचुअल फंड और शेयर के रूप में) को अस्थायी तौर पर जब्त कर लिया है.

एसडी/डीकेपी

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