श्रीपेरंबुदूर में डीएमके नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री बालू की राह आसान

चेन्नई, 28 मार्च . आगामी लोकसभा चुनाव में श्रीपेरंबुदूर से चुनाव लड़ रहे डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री टीआर बालू की राह आसान प्रतीत हो रही है. त्रिकोणीय मुकाबले में वरिष्ठ नेता टीआर बालू निर्वाचन क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय हैं.

टीआर बालू ने 2019 के आम चुनाव में 507,955 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. उन्हें 793,281 वोट मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी, पीएमके के ए वैथिलिंगम (जो 2019 में बीजेपी और एआईएडीएमके के साथ एनडीए का हिस्सा थे) को 285,326 वोट मिले थे.

इस चुनाव में टीआर बालू का मुकाबला एआईएडीएमके के जी प्रेमकुमार और एनडीए के घटक दल तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार) के वीएन वेणुगोपाल से है.

पिछले लोकसभा चुनाव में एनडीए का घटक एआईएडीएमके 2024 में गठबंधन से बाहर चुनाव लड़ रही है. एनडीए ने अपना अलग उम्मीदवार खड़ा किया है.

इसके अलावा, तमिल सुपरस्टार कमल हासन की मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) ने 2019 में 135,525 वोट हासिल किए थे. पार्टी अब डीएमके के साथ गठबंधन कर चुकी है. ये सभी कारक टीआर बालू को चुनाव में बढ़त दिलाते हैं.

हालांकि, यह देखना होगा कि बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद एआईएडीएमके को मुस्लिम समुदाय का वोट मिलेगा या नहीं.

मदुरै स्थित थिंक टैंक सोशियो इकोनॉमिक डेवलपमेंट फाउंडेशन के निदेशक और चुनाव विश्लेषक सीएस रविचंद्रन ने को बताया, “टीआर बालू अपेक्षाकृत आसान स्थिति में हैं. अंकगणित के हिसाब से बालू काफी फायदे में हैं. हालांकि राजनीति में अंकगणित से ज्यादा केमिस्ट्री काम करती है और देखना होगा कि बालू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी एआईएडीएमके के प्रेमकुमार किस तरह से प्रदर्शन करते हैं.

“वर्तमान में बालू स्पष्ट रूप से जीत की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन चुनाव में 23 दिन से अधिक समय बाकी है और राजनीति में यह एक लंबा समय है.”

श्रीपेरंबुदूर में द्रमुक को एक और फायदा है, क्योंकि स्टालिन सरकार की नीतियों के कारण निर्वाचन क्षेत्र में कई नए उद्योग आए हैं. इससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और अधिक लोग द्रमुक की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

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