Wednesday , 21 October 2020

पाइप लाइन से तेल चोरी की घटनाएं रोकने IOC ले रही ड्रोन की मदद

नई दिल्ली (New Delhi) . कई साल से तेल रिफाइनरी से निकलने वाली पाइप लाइन कई बड़े गैंग के निशाने पर रही हैं. आए दिन पाइप लाइन से तेल चोरी की घटनाएं आती रहती हैं. नया मामला हवाई जहाज के तेल की चोरी से जुडा है. हवाई जहाज के तेल की चोरी ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है.दिल्ली पुलिस (Police) ने एक गिरोह का खुलासा किया है.

वहीं दूसरे तंत्र फेल होते देख इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने पाइप लाइन की सुरक्षा के लिए नया ब्लू प्रिंट तैयार किया है. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में पाइपलाइन डिवीजन के जीएम एन.शिव कुमार के अनुसार देशभर में 14,760 किमी लंबी पाइप लाइन का जाल फैला हुआ है.इन पाइप लाइन से अलग-अलग तेल के साथ गैस भी सप्लाई होती है.इनकी सुरक्षा के लिए भी कई तरह के कड़े कदम उठाए जाते हैं. इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के साथ ही जमीनी स्तर पर गॉर्ड तैनात कर पेट्रोलिंग होती है. बावजूद इसके कुछ शातिर: बदमाश वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. दिल्ली-पानीपत पाइप लाइन पर गिरोह की निगाहें ज्यादा रहती हैं. हमारी पूरी कोशिश होती है कि पाइप लाइन से तेल की चोरी न हो, लेकिन तेल चोर नए-नए तरीके अपना रहे हैं.

एन.शिव कुमार कहा कि पाइप लाइन की सुरक्षा के लिए कई लेयर पर काम करने के बाद अब ड्रोन का इस्तेमाल करने का फैसला लिया गया है.इसके लिए एक ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है.ड्रोन से तेल पाइप लाइन की सुरक्षा करने का यह पहला ट्रॉयल है.जल्द ही इस शुरु कर दिया जाएगा.शुरुआत के दिनों में दिन के वक्त ही ड्रोन से गश्त होगी. अगर यह ट्रॉयल कामयाब हुआ तब दूसरी पाइप लाइन पर भी आजमाया जाएगा.

कुछ दिन पहले ही दिल्ली पुलिस (Police) ने हवाई जहाज के तेल की चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ा है. पुलिस (Police) का दावा है कि गिरोह अब तक हवाई जहाज का लाखों लीटर तेल चुराकर बेच चुका है. पुलिस (Police) ने गिरोह के पास से 1100 लीटर हवाई जहाज का तेल यानी एटीएफ बरामद किया है. एक खाली टैंकर भी बरामद हुआ है. लेकिन पुलिस (Police) के खुलासे पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. अगर गिरोह ने हवाई जहाज का तेल चुराया,तब उस तेल को बेचा कहां गया. खरीदार अभी तक सामने क्यों नहीं आए. इस बारे में पुलिस (Police) का कहना है कि गिरोह तेल को कैरोसिन ऑयल बताकर बेचता रहा है. हालांकि, आईओसी अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं. उनका कहना है कि हवाई जहाज का तेल (एटीएफ) को कैरोसिन के रूप में इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं है. वहीं दूसरी ओर पाइप लाइन में इतना भी एटीएफ नहीं छोड़ा जाता है कि चोर लाखों लीटर एटीएफ चुरा सकें.