Saturday , 19 June 2021

डॉ. राजेश सहाय कर रहे हैं पुलिस के साथ-साथ एक डॉक्टर की भी ड्यूटी


इन्दौर (Indore) . कोरोना के ख़िलाफ़ संघर्ष में सभी अपने-अपने स्तर से योगदान दे रहे हैं. मुख्यमंत्री (Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान द्वारा नागरिकों से कोरोना वालेंटियर बन कर काम करने के आह्वान का इन्दौर (Indore) में व्यापक असर हुआ है. इन्दौर (Indore) में विभिन्न सामाजिक संगठन अपने अपने स्तर पर कोरोना के मरीज़ों और उनके परिजनों की मदद कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर अनेक शासकीय सेवक ऐसे भी हैं जो अपने अनुभव, ज्ञान और प्राप्त की हुई शिक्षा को कोरोना के ख़िलाफ़ संघर्ष में लगा रहे हैं. इन्दौर (Indore) में पदस्थ राज्य पुलिस (Police) सेवा के अधिकारी डॉ. राजेश सहाय भी एक ऐसे अधिकारी हैं, जो इस समय दोहरी भूमिका निभा रहे हैं. विशेष शाखा (एसबी) के एसपी डॉ. राजेश सहाय पुलिस (Police) अधिकारी होने के साथ डाक्टर भी हैं.

पुलिस (Police) की नौकरी से वक्त निकालकर वे रोजाना सुबह-शाम पुलिस (Police) लाइन स्थित अस्पताल पहुंचते हैं और कोविड संक्रमित पुलिस (Police)कर्मियों और उनके स्वजन के उपचार में जुट जाते हैं. सहाय का 14 वर्षीय बेटा भी संक्रमित हैं, लेकिन वे बेटे की देखरेख, पुलिस (Police) की ड्यूटी और मरीजों का इलाज नियमित रूप से कर रहे हैं. डीआइजी मनीष कपूरिया के मुताबिक सहाय ने एमबीबीएस और एमडी (एनेस्थीसिया) की डिग्री ली है. पुलिस (Police) विभाग में भर्ती होने के पहले वे बड़े अस्पताल में आइसीयू प्रभारी थे. मंगलवार (Tuesday) को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस (Police) लाइन स्थित जिस कोविड-19 (Covid-19) अस्पताल का शुभारंभ किया उसे सहाय की देखरेख में ही तैयार किया गया है.

वैसे तो यहां मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिनेश आचार्य प्रभारी हैं, लेकिन सहाय भी उनके साथ यहां काम करते हैं. वे सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंच जाते हैं और संक्रमित मरीजों का उपचार शुरू कर देते हैं. अस्पताल में एसपी पीपीई किट, फेस शील्ड, स्टेथोस्कोप धारण कर एक पेशेवर डाक्टर बन जाते हैं. एसपी को देख सैल्यूट करने वाले सिपाही भी उनसे डाक्टर की हेसियत से दर्द साझा करते हैं. डॉ. आचार्य के मुताबिक सहाय बहुत अच्छे डाक्टर हैं. वे इलाज के साथ-साथ पुलिस (Police)कर्मी और उनके स्वजन की इतनी अच्छी काउंसिलिंग करते हैं कि वे खुद को बेहतर महसूस करने लगते हैं. उनका 14 वर्षीय बेटा रुद्राक्ष भी कोरोना संक्रमित है, लेकिन वे रोजाना आकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं. एसपी सहाय के मुताबिक पुलिस (Police) विभाग भी मेरा परिवार है. इस कठिन समय में मुझे देशसेवा के साथ रोगियों की सेवा का अवसर भी मिल रहा है यही मेरा सौभाग्य है. लोग डरे हुए हैं, उन्हें इलाज और अपनेपन की जरूरत है. हमारे प्रयासों से लोगों की जान बच सके इससे बेहतर और क्या हो सकता है.

पहले ही दिन 58 वर्षीय वृद्ध की जान बचाई

पुलिस (Police) लाइन की ओपीडी तो चालू हो गई, लेकिन भर्ती गुरुवार (Thursday) से शुरू हुई. दोपहर को डीआरपी लाइन में पदस्थ सिपाही चंदन शर्मा 58 वर्षीय पिता रमेश को लेकर अस्पताल पहुंचे. कोरोना के लक्षण देख डॉ. आचार्य ने जांच का सुझाव दिया. उस वक्त शर्मा का आक्सीजन लेवल 95 था. करीब एक घंटे बाद रिपोर्ट लेकर आए तो ऑक्सीजन लेवल 85 प्रतिशत रह गया. डॉ. आचार्य और डाक्टर सहाय ने प्राथमिक उपचार किया और एक घंटे बाद ऑक्सीजन लेवल 95 तक पहुंच गया. कुछ देर बाद उन्हें अरबिंदो अस्पताल रेफर करवा दिया.

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