Wednesday , 22 January 2020
मकर संक्रांति को लेकर पवित्र नदियों में लगायी आस्था की डुबकी

मकर संक्रांति को लेकर पवित्र नदियों में लगायी आस्था की डुबकी


रांची. मकर संक्रांति को लेकर राजधानी रांची स्थित स्वर्णरेखा नदी सहित राज्य की विभिन्न नदियों में आज लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई. इस दौरान पूरे इलाके का माहौल भक्तिमय बना रहा. मकर संक्रांति िंहंदुओं का प्रमुख पर्व है.

इस दिन भारतीय संस्कृति के विविध स्वरूप का दर्शन होता है. मकर संक्रांति पूरे भारत और नेपाल में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है. पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है, तभी इस पर्व को मनाया जाता है. मकर संक्रांति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी प्रारंभ होती है. इसलिए इस पर्व को कहीं-कहीं उत्तरायणी भी कहते हैं. तमिलनाडु में इसे पोंगल नामक उत्सव के रूप में मनाते हैं जबकि कर्नाटक, केरल तथा आंध्र प्रदेश में इसे केवल संक्रांति ही कहते हैं. दही-चूड़ा संग मन रही मकर संक्रांति मकर संक्रांति को लेकर बाजार में उल्लास का माहौल है.

शहर के बाजार में तिलकुट अपनी सौंधी खुशबू बिखेर रहा है. तिलकुट की अलग-अलग वेरायटी जैसे गुड़ तिलकुट, खोआ तिलकुट, सौंफ तिलकुट, इलायची तिलकुट वड्रायफ्रूट तिलकुट बिक रहे हैं. इसके अलावा तिल लड्डू, तिलपद्दट्टी, रेवड़ी, चूरा के लाई, मूढ़ी के लाई आदि की भी काफी बिक्री हो रही है. इसके साथ ही बाजार में बासमती, सोनाचूर व कतरनी चूड़ा अपनी अलग महक बिखेर रहे हैं. किसानों में खासा उत्साह मकर संक्रांति के दिन किसान अपनी अच्छी फसल के लिये भगवान को धन्यवाद देकर अपनी अनुकंपा को सदैव लोगों पर बनाये रखने का आशीर्वाद मांगते हैं. इसलिए मकर संक्रांति के त्योहार को फसलों एवं किसानों के त्योहार के नाम से भी जाना जाता है.

नेपाल में मकर संक्रांति को माघे-संक्रांति, सूर्योत्तरायण और थारू समुदाय में माघी कहा जाता है. इस दिन नेपाल सरकार सार्वजनिक छुट्टी देती है. पाचन क्रिया दुरूस्त करती है खिचड़ी मकर संक्रांति में खिचड़ी खाने की भी परंपरा है. खिचड़ी पाचन क्षमता कमजोर होने पर भी आसानी से पच जाती है और पाचन क्रिया को दुरुस्त करती है, इसलिए डॉक्टर मरीजों को खिचड़ी खाने की सलाह देते हैं. इसे खाने से शरीर डिटॉक्स होता है. इसके साथ ही यह वजन कम करने में भी उपयोगी है. तिलकुट की कीमतों में आई कमी रू ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई दुकानदारों ने तिलकुट के दाम में भी कमी कर दी है. जहां दो दिन पहले तक तिलकुट की कीमत 240 रुपये प्रति किलो थी वहीं अब कई जगहों पर महज 200 सौ रुपये प्रति किलो बिक रहा है.