उत्तर प्रदेश में 195 करोड़ रुपए से खेल सुविधाओं का विकास

लखनऊ, 5 फरवरी ( ). उत्तर प्रदेश में खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बजट में अनेक प्राविधान किए हैं. इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्राविधान विभिन्न जनपदों में खेल अवस्थापनाओं के विकास से जुड़ा है, जिसके लिए 195 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. यह वित्तीय वर्ष 2023-24 के सापेक्ष 67 प्रतिशत अधिक है.

इसके अतिरिक्त योगी सरकार ने आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में अध्ययनरत खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रशिक्षण की आवश्यकता को देखते हुए 50 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को 1.50 लाख रुपए प्रतिमाह मानदेय पर प्रशिक्षण के लिए आबद्ध किए जाने की व्यवस्था की है.

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश में निजी सहभागिता से खेल अवस्थापनाओं के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है. राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार योजना के लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. स्पोर्टस साइंस एंड इंजरी सेंटर की स्थापना के लिए 12 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है. इसके माध्यम से खिलाड़ियों की चोट का समुचित इलाज संभव हो सकेगा.

महिलाओं के लिए सरकार ने इस बजट में पूर्व में संचालित योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 13 हजार करोड़ से अधिक का बजट रखा है. इसके तहत योगी सरकार ने पुष्टाहार कार्यक्रम के लिए लगभग 5,129 करोड़ की व्यवस्था की है तो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय के भुगतान के लिए लगभग 971 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है.

इसी तरह कन्या सुमंगला योजना के लिए 700 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है. उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 1,89,796 आंगनबाडी केंद्रों के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के सर्वांगीण विकास की योजनाओं का संचालन कराया जा रहा है. साथ ही, प्रदेश में अनुपूरक पुष्टाहार से लगभग 2 करोड़ 6 लाख लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है.

हॉट कुक्ड मील योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 वर्ष से 6 वर्ष आयु के 79.37 लाख बच्चों को गर्म पका भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. समाज कल्याण विभाग के तहत सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए 7,377 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की है. वहीं, पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिलाओं के भरण पोषण अनुदान के लिए 4,073 करोड़ रुपए की व्यवस्था का प्रस्ताव है.

इसी तरह, अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना के लिए 1,862 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति तथा सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों की बेटियों के लिए 600 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है. इसी क्रम में अल्पसंख्यक कल्याण के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने के लिए 22 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है.

विकेटी/एबीएम

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