भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात 800 अरब डॉलर को पार करने की राह पर

नई दिल्ली, 27 मार्च . विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के निर्यात में वृद्धि देखने को मिलेगी. उन्होंने कहा कि निर्यातकों को मौजूदा वैश्विक व्यापार परिदृश्य को देखते हुए समझदारी से काम लेना चाहिए.

उनके अनुसार, मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य भारत के निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग को लेकर प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के रूप में देश के लिए एक सुनहरा अवसर पेश करता है.

सारंगी ने एक कार्यक्रम में कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत का वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात पिछले वर्ष के 778 अरब डॉलर से बढ़कर इस वर्ष 800 अरब डॉलर को पार कर जाएगा.

‘सोर्सएक्स इंडिया 2025’ कार्यक्रम में सारंगी ने कहा, “हालांकि हम हाल के महीनों में निर्यात में अस्थायी गिरावट देख रहे हैं, लेकिन दीर्घावधि में, हमारी निर्यातक कम्युनिटी हमें यह विश्वास दिला रही है कि उन्हें मिलने वाले ऑर्डर पूछताछ की संख्या काफी सकारात्मक है और इससे मुझे विश्वास है कि हमारे निर्यात हमारे मौजूदा स्तरों की तुलना में बढ़ेंगे.”

उन्होंने कहा कि उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) जैसी पहल व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा दे रही हैं और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दे रही हैं.

सारंगी ने इस बात पर जोर दिया कि ‘सोर्सएक्स इंडिया’ भारत के विदेशी व्यापार, विशेष रूप से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इकोसिस्टम को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

इसके अलावा सारंगी ने बताया कि सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पूरक अर्थव्यवस्थाओं के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के माध्यम से नए बाजार पहुंच के अवसरों की खोज कर रही है.

फियो के महानिदेशक और सीईओ डॉ. अजय सहाय ने इस बात पर जोर दिया कि सोर्सएक्स इंडिया भारतीय ब्रांडों के निर्यात और व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने के साथ वैश्विक बाजारों में भारतीय व्यवसायों के लिए नए अवसरों को खोलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगा.

फियो के कार्यवाहक अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने भारतीय निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच सीधे जुड़ाव के महत्व पर जोर दिया, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में भारत के व्यापार को बढ़ाना है.

अफ्रीका, सीआईएस, ईयू, एलएसी, नाफ्टा, एनईए, ओशिनिया, एसए, एसईए और डब्ल्यूएएनए जैसे क्षेत्रों सहित 45 से अधिक देशों के 150 से अधिक वैश्विक खरीदारों की भागीदारी के साथ, ‘सोर्सएक्स इंडिया 2025’ भारतीय निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है.

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