जम्मू, 7 मार्च . जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के खत्म होने के बाद शुक्रवार को पहली बार विधानसभा में बजट पेश किया गया. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह बजट पेश किया. जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बजट खासतौर पर गरीबों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव के दौरान जो वादे किए थे, उन्हें इस बजट में पूरा किया गया है. विशेष रूप से महिलाओं और गरीब बच्चों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं.
उपमुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जो वादे किए थे, वे सभी इस बजट में हैं. महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा की घोषणा की गई है, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है. इसके साथ ही, गरीब लड़कियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. पहले उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सरकार उनकी मदद के लिए कदम उठा रही है. यह बजट केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह उन गरीबों, बच्चों और महिलाओं के लिए एक सशक्त कदम है, जो पहाड़ों और दूरदराज इलाकों में रहते हैं और जिनकी जिंदगी में कभी भी सरकार की योजनाओं का प्रभाव नहीं महसूस हुआ. इस बजट के माध्यम से हम उन्हें भी मुख्यधारा में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट में हर विभाग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव पेश किए गए हैं. चाहे वह महिला सशक्तीकरण हो, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, ट्रांसपोर्ट, या कोई अन्य विभाग, हर क्षेत्र में इस बजट का असर साफ महसूस होगा. यह बजट राज्य की सरकार का एक ऐतिहासिक प्रयास है, जो हर नागरिक को लाभ पहुंचाएगा.
इससे पहले, सुरिंदर कुमार चौधरी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस बजट को एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह बजट हर वर्ग के लिए लाभकारी साबित होगा. उनका कहना था कि अब राज्य में हर व्यक्ति महसूस करेगा कि उसने सही सरकार चुनी है, जो उसकी भलाई के लिए काम कर रही है.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य का बजट पेश करते हुए कहा कि वह वित्त मंत्री के तौर पर पहली बार बजट पेश करते हुए खुश हैं. उन्होंने इसे आर्थिक विकास का एक रोडमैप और लोगों की आकांक्षाओं का सच्चा प्रतिबिंब बताया.
सीएम उमर अब्दुल्ला ने बजट पेश करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता और शांति की ओर बढ़ते कदमों को रेखांकित किया. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य अब स्थायी शांति की राह पर है और उनके बजट का मुख्य फोकस युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने, क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने और राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रयासों पर था.
उमर अब्दुल्ला ने भी कहा था कि यह बजट न केवल राज्य के आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि यह हमारे युवाओं और महिलाओं के लिए अवसरों का निर्माण करेगा, जिससे वे अपने जीवन को बेहतर बना सकेंगे.
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पीएसके/एबीएम