Friday , 7 May 2021

विश्व हिंदू परिषद की मांग फिर से बनाया जाए हनुमान मंदिर

नई दिल्ली (New Delhi) . चांदनी चौक इलाके में हनुमान मंदिर को तोड़े जाने का मामला गरमा गया है. इसको लेकर आम आदमी पार्टी भी उत्तरी दिल्ली नगर निगम में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर है. इस बीच  विश्व हिंदू परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल केन्द्रीय कार्यअध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार के नेतृत्व में सोमवार (Monday) को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिला. शिष्टमंडल ने दिल्ली के चांदनी चौक में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर को रविवार (Sunday) रात के अंधेरे में और सुबह की ठंड और बारिश के बीच बुलडोजर द्वारा जिस तरह से ढहाया गया उस पर गंभीर चिंता और रोष प्रकट किया. इसके साथ ही धर्म प्राण जनता की आशा और आकांक्षाओं के अनुरूप उसी स्थान पर मंदिर के पुनर्स्थापना की मांग की है. वहीं, 

उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद आलोक कुमार ने बताया कि हमने उपराज्यपाल से कहा है कि वे उच्च न्यायालय में प्रार्थना पत्र लगाकर मंदिर के पुनर्स्थापना के लिए अनुमति लें तथा उसी स्थान पर मंदिर को दोबारा स्थापित करें. उन्होंने कहा अगर मंदिर की पुनर्स्थापना नहीं होती है तो वीएचपी आंदोलन के लिए मजबूर होगा. विहिप प्रान्त प्रचार प्रसार प्रमुख महेंद्र रावत ने बताया कि वीएचपी, बजरंगदल, मातृशक्ति,दुर्गावाहनी, अन्य हिन्दू संगठनों के साथ मिलकर 5 जनवरी को सुबह 11 बजे चांदनी चौक विध्वंस मंदिर पर एक विराट प्रदर्शन करने की योजना बनाई है. विश्व हिंदू परिषद विहिप के प्रांत अध्यक्ष कपिल खन्ना ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर मंदिर को उसी स्थान पर बनवाने तथा मंदिर तोड़ने के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री (Chief Minister) को पिछले वर्ष 21 नवंबर को ही पत्र लिखा गया था तथा उनसे हस्तक्षेप की मांग की गई थी. वहीं, मंदिर बचाने के लिए हमारे कार्यकर्ता वहां डटे रहे, लेकिन जैसे ही वह हटे सुबह ठंड व बारिश में उस मंदिर को ढहा दिया गया. वर्ष 2016 के आदेश में हाई कोर्ट ने लाल जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर व शीशगंज गुरुद्वारा के बाहर फुटपाथ पर निर्माण काे अतिक्रमण माना था, वहीं भाई मती दास चौक, पागल बाबा मंदिर व हनुमान मंदिर के साथ एक प्याऊ को पूरी तरह से अतिक्रमण माना था. इसे लेकर लाल जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर व शीशगंज गुरुद्वारा के अतिक्रमण को हटाने पर काफी विवाद भी हुआ था. एसआरडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अभी भी पागल बाबा मंदिर, प्याऊ व भाई मती दास चौक का अतिक्रमण बरकरार है.

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