300 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में लॉबिस्ट नीरा राडिया को दिल्ली पुलिस ने तलब किया – Daily Kiran
Monday , 6 December 2021

300 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में लॉबिस्ट नीरा राडिया को दिल्ली पुलिस ने तलब किया

नई दिल्‍ली . दिल्ली पुलिस (Police) की आर्थिक अपराध शाखा ने लॉबिस्ट नीरा राडिया और उनकी बहन को 300 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में पूछताछ के लिएतलब किया है. पुलिस (Police) ने ठगी के इस मामले में तीन आरोपियों यतीश बहाल,सतीश कुमार नरूला और राहुल सिंह यादव को गिरफ्तार कर चुकी है.उनसे पूछताछ के बाद नीरा राडिया का नाम सामने आया था.

आर्थिक अपराध शाखा के मुताबिक, राजीव कुमार नाम के शख्स ने नारायणी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनी नयाती हेल्थ केयर एंड रिसर्च एनसीआर प्राइवेट लिमिटेड और उनके निदेशकों जिनमे नीरा राडिया, उसकी बहन करुणा मेनन,यतीश बहाल,सतीश कुमार नरूला के खिलाफ शिकायत की थी जिसमें कहा गया था कि इन कंपनियों का दफ्तर खानपुर इलाके में है.कंपनी का नाम पहले OSL हेल्थकेयर था. इनका मकसद गुरुग्राम (Gurugram)में एक अस्पताल बनाने का था.इस अस्पताल में 49 परसेंट शेयर शिकायतकर्ता के थे,जबकि 51 परसेंट शेयर इन कंपनियों से जुड़े चर्चित मिश्रा और चंदन मिश्र के थे.विम्हांस नाम से अस्पताल खोलने के लिए दोनो के बीच करार हो गया.

शिकायतकर्ता से ये भी वादा किया गया कि हर महीने 30 लाख रुपए उसकी प्रोफेशनल फीस के तौर पर उसे दिए जायेंगे.अस्पताल के निर्माण के दौरान OSL हेल्थकेयर के लोगों ने पैसे की कमी का हवाला देते हुए अपने 51 प्रतिशत शेयर,नारायणी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिए. ये कंपनी नयाती हेल्थकेयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़ी हुई थी.ये डील 99 करोड़ रुपए में हुई.इसके बाद इन कम्पनियों के लोग सारे फैसले खुद लेने लगे और अस्पताल के निर्माण के लिए यस बैंक (Bank) से 312 करोड़ रुपए का लोन ले लिया.लेकिन वहां पर इस पैसे का उपयोग निर्माण कार्य में नही किया गया.शिकायतकर्ता की प्रोफेशनल फीस 15 करोड़ 28 लाख रुपए भी नही दी गई.उसके शेयर 49 परसेंट से करीब 6 परसेंट कर दिए गए.पुलिस (Police) ने केस दर्ज कर इस मामले की जांच की.

जांच में पाया गया कि नारायणी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड, नयाती हेल्थकेयर एंड रिसर्च की होल्डिंग कंपनी है और 93 परसेंट शेयर इसी के है.इस कंपनी की मुख्य प्रमोटर नीरा राडिया पाई गई.इस कंपनी ने 312 करोड़ का लोन लेने के बाद उसने से 208 करोड़ रुपए अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन कम्पनी के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए.ये डमी खाता राहुल सिंह यादव नाम के शख्स ने इन पैसों को ठिकाने लगाने के लिए खोला था.जांच में ये भी जानकारी मिली कि यतीश वहाल और एस के नरूला, अहुलवालिया कंस्ट्रक्शन कम्पनी से जुड़े हुए थे.

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