
New Delhi, 6 फरवरी . कांग्रेस की तरफ से चीनी घुसपैठ के आरोप और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब को लेकर हंगामा करने पर Union Minister किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि रक्षा मामलों को Political हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
Union Minister किरेन रिजिजू ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हमारी Government एक अनुभवी नेता चला रहे हैं. 1962 से हेंडरसन ब्रूक्स-भगत कमीशन की रिपोर्ट गुप्त रखी गई है. इसमें चीनी पीएलए के हाथों मिली शर्मनाक हार के लिए नेहरू Government को दोषी ठहराया गया था. हमारी Government ने इसे कभी सार्वजनिक नहीं किया, क्योंकि रक्षा मामलों को Political हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.”
किरेन रिजिजू ने अपने एक पुराने पोस्ट को भी शेयर किया है. उन्हें वीडियो में चीन सीमा का दौरा करते हुए और कुछ भारतीय सैनिकों के साथ चीन के सैनिकों के साथ वार्ता करते हुए देखा गया. यह पोस्ट किरेन रिजिजू ने 1 नवंबर 2024 को किया था. वे सैनिकों के साथ दीवाली मनाने के लिए चीन बॉर्डर पर गए थे.
वहीं, एमएम नरवणे की किताब पर विवाद को लेकर BJP MP निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने लिखा, “नेहरू-गांधी परिवार के कारनामों, उनके भ्रष्टाचार और उनकी नीतियों के कारण देश को हुए नुकसान व व्यक्तिगत कार्यकलाप के कारण देश को हुए नुकसान पर एक पुस्तकालय बनाने का मैंने निर्णय लिया है. आप सभी लोगों से मुझे सहयोग और सुझाव की जरूरत है. यह पुस्तकालय आने वाली पीढ़ियों, शोध करने वाले छात्रों के लिए एक आदर्श स्थान होगा.”
अपने वीडियो संदेश में BJP MP ने कहा, “मैंने संसद में नेहरू-गांधी परिवार के कारनामों और भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बातें कहीं. पूरे देश में इस पर जबरदस्त तरीके से प्रतिक्रिया हुई. इसके बाद कई लोगों के फोन आए और उनके आधार पर मैंने पुस्तकालय बनाने का फैसला लिया. चाहे सामाजिक-आर्थिक आधार पर देश को नुकसान पहुंचाना हो, भारत-Pakistan का बंटवारा हो या कई गोपनीय दस्तावेज हों, जो पब्लिक डोमेन में नहीं आए, उन सभी को लेकर लाइब्रेरी बनाऊंगा. इससे यह होगा कि किसी को अगर उस समय की जानकारी चाहिए तो वह उस लाइब्रेरी में मिल सकेगी.”
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नेहरू-गांधी परिवार से जुड़ी हुई किताबों की जानकारी दें, ताकि वह उन्हें खरीदकर लाइब्रेरी में रख सकें.
–
डीसीएच/