वक्फ बिल समाज के विकास में सहायक होगा : दीपक केसरकर

मुंबई, 3 अप्रैल . लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के पारित होने के बाद सियासी बयानबाजियां जारी हैं. सत्ता पक्ष के लोग इसे लाभकारी बता रहे हैं, तो वहीं विपक्ष के लोग इस विधेयक को संविधान के खिलाफ बता रहे हैं. इसी बीच, शिवसेना नेता दीपक केसरकर ने इसे एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि यह समाज के लिए लंबे समय में लाभकारी साबित होगा.

दीपक केसरकर ने गुरुवार को समाचार एजेंसी से कहा कि वक्फ बोर्ड संपत्तियों का प्रबंधन करता है और इन संपत्तियों से जो राजस्व प्राप्त होता है, उसका उपयोग शिक्षा और कल्याण योजनाओं के लिए किया जाता है. यह विधेयक समाज के विकास में सहायक होगा. केसरकर ने इस बात का भी स्वागत किया कि अब जिलाधिकारियों को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं. जिलाधिकारी पहले से सभी राजस्व रिकॉर्ड के मालिक होते हैं, और अब उन्हें जो अधिकार मिले हैं, उससे सत्यापन प्रक्रिया में तेजी आएगी.

वहीं, वक्फ संशोधन बिल पर शिवसेना (यूबीटी) के रुख पर दीपक केसरकर ने तंज कसते हुए कहा कि उद्धव गुट ने तो मैदान छोड़ दिया है. वे बाला साहेब ठाकरे की विचारधारा को छोड़कर चले गए हैं. अब उनका कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं है, और वे पार्टी के मूल सिद्धांतों से भटक गए हैं.

उल्लेखनीय है कि बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर 12 घंटे से ज्यादा चर्चा हुई थी और देर रात को मतदान हुआ. विधेयक के पक्ष में 288 सांसदों ने मतदान किया था, वहीं 232 सांसदों ने विधेयक के विपक्ष में मतदान किया, जिसके बाद यह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया.

इसके अलावा, दीपक केसरकर ने कॉमेडियन कुणाल कामरा के विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह एक साजिश है, जो मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की छवि को धूमिल करने के लिए की जा रही है. मैं खुद गवाह हूं कि एकनाथ शिंदे ने कभी भी व्यक्तिगत रूप से सत्ता का लालच नहीं दिखाया. उनका हमेशा साफ रुख था, हर पार्टी की अपनी विचारधारा होती है और हमें उसी के अनुसार चलना चाहिए.

पीएसके/एकेजे