
Mumbai , 1 अप्रैल . रेमो डिसूजा… फिल्म इंडस्ट्री का एक ऐसा नाम है, जो किसी पहचान का मोहताज नहीं. सिनेमा जगत की एक से बढ़कर फिल्मों के गानों को कोरियोग्राफ करने वाले रेमो की आज की तारीख में टॉप और सफल कोरियोग्राफर और डायरेक्टर में गिनती होती है. कम ही लोग जानते हैं कि उन्होंने संघर्ष का एक अलग ही समय देखा है, जब Mumbai की सड़कों पर कई दिनों तक भूखे भी गुजारने पड़े.
रेमो डिसूजा का जन्म 2 अप्रैल को हुआ था. आज वे जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचने के लिए उन्होंने सालों तक कड़ी मेहनत और संघर्ष किया. बैकग्राउंड डांसर के रूप में शुरुआत करने वाले रेमो आज फिल्में डायरेक्ट कर रहे हैं और डांस रियलिटी शोज के सबसे लोकप्रिय होस्ट भी बन चुके हैं.
रेमो डिसूजा का असली नाम रमेश गोपी है. Mumbai आने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर रेमो डिसूजा रख लिया. बचपन से ही उन्हें डांस का बहुत शौक था. जब वह Mumbai आए तो उनके पास न रहने की जगह थी और न खाने के लिए पर्याप्त पैसा. कई दिनों तक उन्हें भूखे रहना पड़ा. रातें सड़क पर या छोटे-छोटे किराए के कमरों में गुजारनी पड़ीं. लेकिन डांस के प्रति उनके जुनून ने उन्हें कभी हार नहीं मानने दी.
संघर्ष के बाद रेमो को छोटा लेकिन करियर में आगे बढ़ने वाला मौका साल 1995 में राम गोपाल वर्मा की आई फिल्म ‘रंगीला’ से मिला. इसमें उन्होंने बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम किया. फिल्म में उनका काम नजर आया और धीरे-धीरे उन्हें मौके मिलने लगे. इसके बाद उन्होंने कोरियोग्राफर अहमद खान के साथ असिस्टेंट के रूप में काम शुरू किया. उनकी पहली बड़ी उपलब्धि तब आई जब उन्हें संजय दत्त की फिल्म ‘कांटे’ में आइटम सॉन्ग ‘इश्क समंदर’ कोरियोग्राफ करने का मौका मिला. इस सॉन्ग ने उन्हें रातों-रात मशहूर बना दिया.
इसके बाद मौके मिलते गए और उनका संघर्ष रंग लाता दिखा, जब वह Bollywood के टॉप कोरियोग्राफर बन गए. उन्होंने ‘रंगीला’, ‘कांटे’, ‘मिशन इश्क’, ‘फितूर’, ‘स्ट्रीट डांसर’ जैसी कई फिल्मों में शानदार कोरियोग्राफी की. रेमो ने डांस रियलिटी शोज में भी अपनी छाप छोड़ी. वे ‘डांस इंडिया डांस’ और ‘डांस प्लस’ जैसे पॉपुलर शोज के जज और होस्ट रहे हैं.
उनकी एनर्जी, सख्ती और सकारात्मकता उन्हें युवा फैंस का पसंदीदा बना चुका है. रेमो केवल कोरियोग्राफी तक सीमित नहीं हैं, उन्होंने डायरेक्टर के रूप में भी कमाल दिखाया. उन्होंने ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’ जैसी फिल्में डायरेक्ट कीं.
–
एमटी/एबीएम