गिरिडीह में मां-बेटी के शव कमरे में फंदे से लटके मिले, कर्ज के दबाव में आत्महत्या की आशंका

गिरिडीह, 19 जनवरी . Jharkhand के गिरिडीह जिला अंतर्गत मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गादी श्रीरामपुर गांव में Monday को एक ऑटो चालक की पत्नी और उसकी बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. दोनों के शव घर के एक कमरे में फांसी के फंदे से लटके पाए गए.

मृतकों की पहचान पुतुल देवी (35) और उनकी 15 वर्षीय बेटी स्नेहा कुमारी के रूप में हुई है. परिजनों का कहना है कि दोनों ने आत्महत्या की है. हालांकि, Police सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है. परिजनों के अनुसार, पुतुल देवी और स्नेहा एक साथ एक कमरे में सोई थीं. Monday सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर शक हुआ. जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देख सभी सन्न रह गए. मां और बेटी फांसी के फंदे से लटकी हुई थीं. आनन-फानन में परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया. मृतका पुतुल देवी के पति सोनू राम का कहना है कि उनकी पत्नी बीते कुछ समय से मानसिक तनाव में रहती थीं. परिजनों के मुताबिक, पुतुल देवी ने किसी महिला स्वयं सहायता समूह से लोन लिया था, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने परिवार को नहीं दी थी. लोन की किस्तों को लेकर लगातार फोन कॉल और कथित दबाव के कारण वह परेशान रहने लगी थीं.

सोनू राम का कहना है कि उनकी पत्नी कई बार तनाव में रोती भी थीं, लेकिन पूछने पर अपनी परेशानी खुलकर साझा नहीं करती थीं. स्नेहा कक्षा 10वीं की छात्रा थी और पढ़ाई में भी अच्छी थी. घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव और मुफ्फसिल थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो Police बल के साथ मौके पर पहुंचे. Police ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों शवों को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है. इसके साथ ही परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है.

सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने बताया कि मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गादी श्रीरामपुर गांव में दो लोगों द्वारा आत्महत्या का मामला सामने आया है. उन्होंने कहा कि Police हर पहलू से जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. Police यह भी जांच कर रही है कि लोन वसूली से जुड़ा कथित दबाव किस स्तर का था और इसमें किसी तरह की प्रताड़ना तो नहीं हुई थी.

एसएनसी/एएस

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