
Lucknow, 12 अप्रैल . उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने Sunday को कहा कि राज्य में नए सिरे से तैयार और डिजिटल सुविधाओं से लैस बस स्टेशन यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाएंगे. उनकी प्रतिक्रिया उस वक्त आई, जब राज्य कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की 49 प्रमुख बस स्टेशनों के पुनर्विकास के एक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी.
इस फैसले को राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. यूपीएसआरटीसी के दूसरे चरण के तहत विकसित की जाने वाली यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल और डीबीएफओटी (डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण) फ्रेमवर्क मॉडल पर आधारित है.
इस पहल के तहत, राज्य भर के 49 प्रमुख बस स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा ताकि वे विश्व-स्तरीय मानकों के अनुरूप हो सकें.
मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किए जाने वाले बस स्टेशनों में साफ-सफाई, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणालियों के लिए बेहतर इंतजाम होंगे. इसके अलावा, स्मार्ट और टिकाऊ बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए व्यवस्थित पार्किंग, व्यावसायिक परिसर और संबंधित सेवाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा.
उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना को डीबीएफओटी मॉडल के तहत लागू किया जाएगा, ताकि सुनिश्चित हो सके कि राज्य Government को सीधे तौर पर कोई पूंजीगत खर्च न करना पड़े. यह विकास कार्य निजी निवेश के जरिए किया जाएगा, जबकि जमीन का मालिकाना हक निगम के पास ही रहेगा.
परिवहन मंत्री ने बताया कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश Government की यह पहल राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और शहरी विकास की गति को तेज करेगी. साथ ही, यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और उच्च-गुणवत्ता वाली परिवहन सेवाओं का लाभ मिलेगा.
दयाशंकर सिंह ने इस परियोजना को उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम बताया.
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन बस स्टेशनों को आधुनिक, विश्व-स्तरीय और बहुउद्देशीय बस टर्मिनलों में बदला जाएगा, जहां यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
इस परियोजना के तहत डेवलपर्स के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिसे पूरी तरह से पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी तरीके से संपन्न किया जाएगा.
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एसडी/एबीएम