दानिश कनेरिया ने कहा, ‘पाकिस्तान क्रिकेट टीम से बेहतर मोहल्ला टीम’ (आईएएनएस साक्षात्कार)

नई दिल्ली, 25 सितंबर . फॉर्मेट चाहे कोई भी हो पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का हाल इन दिनों बेहाल है. बड़ी-बड़ी डींगे हांकने वाली इस टीम के पूर्व क्रिकेटर ने ही उन्हें आईना दिखाया है. खास तौर पर हाल ही में बांग्लादेश से घरेलू टेस्ट सरीजी में अपनी फजीहत कराने के बाद बाबर सेना की जगहंसाई हो रही है.

पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने बांग्लादेश से टेस्ट सीरीज में मिली शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और पाकिस्तानी टीम की तीखी आलोचना की है.

यह पाकिस्तान की बांग्लादेश से पहली टेस्ट सीरीज हार थी और कनेरिया ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए यहां तक ​​कह दिया कि “मोहल्ले की टीम भी उनसे बेहतर खेल सकती है.”

दो मैचों की सीरीज में बांग्लादेश ने पहले टेस्ट में 10 विकेट से शानदार जीत दर्ज की. जबकि, दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश ने 6 विकेट रहते 185 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया, जो कि पाकिस्तानी धरती पर मेहमान टीम द्वारा किया गया तीसरा सबसे बड़ा रन चेज है. इस हार ने बाबर आजम की कप्तानी में टीम के भविष्य को लेकर कई सवाल उठाए.

के साथ एक साक्षात्कार में कनेरिया ने पाकिस्तानी टीम की खूब आलोचना की.

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान क्रिकेट टीम का स्तर इतना नीचे है कि मोहल्ले की टीम भी उनसे बेहतर है और उनके इस हाल की जिम्मेदार पीसीबी है.

“टीम के इस तरह के खराब प्रदर्शन के लिए उन्हें ही दोषी ठहराया जाना चाहिए. कप्तान और पीसीबी चेयरमैन की कुर्सी का फेरबदल निराशाजनक है. उन्होंने नेतृत्व और मैदान पर प्रदर्शन के बीच के अंतर को उजागर किया.”

कनेरिया ने यह भी कहा कि पीसीबी का पूर्व कप्तान सरफराज अहमद की जगह बाबर आजम को कमान देना एक गलत फैसला है. सरफराज ने 2017 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान को जीत दिलाई थी और वह सभी प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे.

कनेरिया ने कहा, “मुझे नहीं पता कि सरफराज अहमद की अच्छी कप्तानी के बावजूद बाबर आजम को नेतृत्व की जिम्मेदारी क्यों दी गई. वर्तमान में पाकिस्तान टीम में कप्तान बनने लायक कोई नहीं है. कप्तान वह होता है जो दबाव अपने कंधों पर लेता है और अपने प्रदर्शन से टीम को आगे ले जाता है, जो बाबर और शान मसूद दोनों ही करने में विफल रहे हैं.

इस पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने पाकिस्तान और उसके चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के बीच तुलना करते हुए इस बात पर जोर दिया कि भारतीय खिलाड़ियों ने आवश्यकता पड़ने पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और एक विश्व स्तरीय टीम तैयार की है.

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