Wednesday , 23 June 2021

कुल्हाड़ी से खोपडी के दो टुकड़े कर दिये थे

यवतमाल . महाराष्ट्र (Maharashtra) स्थित यवतमाल जिले के विहिर गांव में एक शख्स की हत्या (Murder) करने वाले तीन लोगों को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. मिली जानकारी के अनुसार साल 2016 में एक पेड़ तोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना ज्यादा गहरा गया कि तीन लोगों ने मिलकर कुल्हाड़ी से शख्स की खोपड़ी के दो टुकड़े कर दिए थे.

बताया गया कि पेड़ तोड़ने को लेकर प्रवीण गाडगे के साथ मारुति उनके दो बेटे देवेंद्र और देवानंद का झगड़ा हो गया. घटना एक मामूली सी बात से शुरू हुई थी. दोनों ओर से गहमागहमी बढ़ने के बाद मारुति और देवानंद ने प्रवीण को पकड़ा. इसके बाद देवेंद्र ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. यह हमला इतना तेज था कि प्रवीण की खोपड़ी के दो टुकड़े हो गए थे. जब मामला चला तो यवतमाल जिला एवं सेशन्स कोर्ट ने मारुति एवं देवावंद को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया, और देवेंद्र को 7 वर्ष की सजा सुनाई. राज्य सरकार (State government) नें इस फैसले को हाईकोर्ट में चैलेंज कर दिया. इसके बाद मुंबई (Mumbai) हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में जस्टिस जका हक एवं जज अमित बोरकर की पीठ में मामले फिर सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा का दी. अदालत ने कहा कि दोषी करार दिया गया पक्ष 50,000 – 50,000 रुपये जमा कराए. यह राशि पीड़ित के परिवार को दी जाएगी.

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