रोते-रोते बच्ची ने बताया मां से अस्पताल में छेड़खानी हुई, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दिए कार्रवाई के निर्देश


लखनऊ (Lucknow) . लखनऊ (Lucknow) स्थित लोहिया संस्थान में ब्लैक फंगस के उपचार के लिए भर्ती कराई गई अमेठी की एक महिला ने डाक्टर और कर्मचारी पर छेड़छाड़ और मारपीट करने का आरोप लगाया है. अस्पताल में मिली प्रताड़ना से डरी-सहमी महिला को उसके परिजनों ने बिना पूरा इलाज कराए डिस्चार्ज करा कर गौरीगंज स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया.

शनिवार (Saturday) को ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ करने आई केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से पीड़िता के परिजनों ने मुलाकात की. पीड़िता की बेटी ने रोते हुए केंद्रीय मंत्री को बताया अस्पताल में मेरी मम्मी के साथ छेड़खानी की गई है. इसके बाद स्मृति ईरानी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. अमेठी स्थित नगर पालिका गौरीगंज के वार्ड निवासी 40 वर्षीय महिला को बीती छह जून को तबीयत खराब हुई थी.

परिजनों ने उन्हें गौरीगंज के संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया. तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों (Doctors) ने महिला को लोहिया संस्थान में रेफर कर दिया. परिजन मरीज को लेकर लोहिया की इमरजेंसी (Emergency) में पहुंचे. डॉक्टरों (Doctors) ने जांच के बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि की. महिला के चेहरे पर सूजन की. डॉक्टरों (Doctors) ने ब्लैक फंगस बताया. प्राथमिक उपचार के बाद महिला को शहीद पथ स्थित मातृ शिशु रेफरल (कोविड हॉस्पिटल) हॉस्पिटल के चौथे तल पर बेड नंबर 85 पर भर्ती कराया गया. परिजनों ने बताया कि कोविड अस्पताल होने के नाते डॉक्टरों (Doctors) ने उन्हें मरीज के साथ रुकने से रोक दिया. बहुत निवेदन करने पर जब उन्हें मरीज से मिलने दिया गया तो उसकी हालत बहुत खराब थी. इसके बाद परिजनों ने शुक्रवार (Friday) को महिला को डिस्चार्ज करा कर गौरीगंज स्थित जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जिलाधिकारी, पुलिस (Police) अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश सिंह ने बताया कि मरीज को गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया था. परिजन अपनी मर्जी से मरीज को डिस्चार्ज कराकर ले गए हैं. मरीज से मारपीट व छेड़छाड़ के आरोप बेबुनियाद हैं. अब तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.

मरीज को गंभीर अवस्था में भर्ती किया गया था. जिलाधिकारी अमेठी अरुण कुमार ने कहा कि एसडीएम, सीओ व एसीएमओ की जांच कमेटी मामले की जांच करेगी. महिला में ब्लैक फंगस के लक्षण बताए जा रहे हैं. इसका इलाज मेडिकल कालेज में ही उपलब्ध है. जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

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