Tuesday , 21 March 2023

साल भर में आधा रह गया क्रूड का दाम तो Petrol-Diesel Price में कमी क्यों नहीं?

इन दिनों दुनिया भर के बाजार में क्रूड ऑयल के दाम (Crude Oil Price) घट ही रहे हैं. करीब एक साल पहले जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था तो क्रूड ऑयल का दाम 139 डॉलर प्रति बैरल पर चला गया था. तब से अब तक दाम में काफी गिरावट आ गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीते शुक्रवार को अमेरिकी WTI Crude का भाव 66.74 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था. जब से यूक्रेन युद्ध शुरु हुआ है, भारत रूस से सस्ता क्रूड (Russian Crude Oil) खरीद रहा है. लेकिन तब भी यहां घरेलू बाजार में लोगों को राहत नहीं मिली है. लगभग एक साल होने को हैं, जबकि भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई फेरबदल किया हो.

अंतिम बदलाव 6 अप्रैल 2022 को

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत (Petrol-Diesel Price) में करीब एक साल से कोई बदलाव नहीं हुआ है. हां, जब केंद्र सरकार या राज्य सरकार ने इस पर ड्यूटी और वैट में कमी की है, तब जरूर दाम घटे हैं. सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल के दाम में आखिरी बार 6 अप्रैल 2022 को बढ़ोतरी की थी. उस दिन दोनों ईंधन 80-80 पैसे महंगे हुए थे. इसके बाद 27 मई 2022 को केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी. तब पेट्रोल के दाम में 8.69 रुपये तो डीजल के दाम में 7.35 रुपये की कमी हुई थी. तब से पेट्रोल-डीजल की कीमत जस की तस बनी हुई है. दिल्ली में आज यानी रविवार, 19 मार्च 2023 को भी पेट्रोल की कीमत 96.72 रुपये और डीजल का भाव 89.62 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहा.

क्रूड से निकलने वाला एलपीजी भी नहीं हुआ सस्ता

क्रूड ऑयल से सिर्फ पेट्रोल और डीजल ही नहीं निकलता बल्कि लिक्विड पेट्रोलियम गैस या एलपीजी (LPG) भी निकलता है. इसे ही सिलेंडरों में भर कर बेचा जाता है. इसी एलपीजी सिलेंडर से भारत के अधिकतर घरों में खाना बनता है. जब क्रूड ऑयल सस्ता हुआ है तो इसका बाय प्रोडक्ट एलपीजी भी सस्ता होना चाहिए. लेकिन भारत में एलपीजी का दाम घटने की बजाय बढ़ा है. पिछले एक साल में घरेलू एलपीजी सिलेडर के दाम में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. एक मार्च 2022 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.4 किलो) की कीमत 899.50 रुपये थी. एक मार्च तक यह 22 फीसदी बढ़ कर 1,103 रुपये पर पहुंच गई.

एक साल में सीएनजी भी हुआ है 38 फीसदी महंगा

पिछले एक साल की अवधि के दौरान दिल्ली में सीएनजी की कीमत में करीब 38 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. दिल्ली में सीएनजी की सप्लाई करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के आंकड़ों के मुताबिक एक मार्च, 2022 को सीएनजी की कीमत 57.01 रुपये प्रति किलोग्राम थी. यह कीमत एक मार्च 2023 को बढ़कर 79.56 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. मतलब कि 38 फीसदी का इजाफा.

भारत खरीद रहा है सस्ता रूसी कच्चा तेल

पिछले साल फरवरी में ही रूस ने यूक्रेन पर हमला (Russia Ukraine War) किया था. उसके बाद अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे. उससे निपटने के लिए रूस ने भारत समते दुनिया के कई देशों को बाजार से कम दाम पर क्रूड ऑयल बेचने का ऑफर दिया था. इस ऑफर को भारत ने स्वीकार कर लिया था. इससे अमेरिका और अन्य यूरोपीय देश नाराज भी हुए. ऐसी खबर आई थी कि भारत हर रोज रूस से करीब 12 लाख बैरल क्रूड ऑयल खरीद रहा है. सस्ते क्रूड का तो यही मतलब है कि इससे बने प्रोडक्ट भी सस्ते होने चाहिए. पर ऐसा नहीं हुआ.

एलपीजी के सिलेंडर सस्ते क्यों नहीं हुए?

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने बीते गुरुवार को ही संसद में बताया था कि घरेलू एलपीजी की कीमतें औसत औसत सऊदी अनुबंध मूल्य (Saudi Contract Prices (CP) पर आधारित होती हैं. सरकार का कहना है कि साल 2019-20 से 2021-22 के दौरान सऊदी अनुबंध मूल्य 454 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 693 डॉलर प्रति टन हो गया. साल 2022-23 के दौरान फरवरी 2023 के लिए सऊदी सीपी 790 डॉलर प्रति टन तक बढ़ गया है. इसलिए घरेलू बाजार में एलपीजी सिलेंडर के कीमत चढ़े हैं. गौरतलब है कि भारत अपनी घरेलू एलपीजी खपत का 60 प्रतिशत से अधिक आयात करता है.

एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री पर हो रहा है नुकसान?

सरकार का कहना है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) को भारी नुकसान हुआ है. इन नुकसानों की भरपाई के लिए सरकार ने हाल ही में सभी सरकारी तेल कंपनियों या ओएमसीज को 22,000 करोड़ रुपये का एकमुश्त मुआवजा दिया है. पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए वर्ष 2022-23 के लिए 12 रिफिल तक 200 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की टार्गेटेड सब्सिडी (Targeted Subsidy) शुरू की है.

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