Saturday , 28 November 2020

रेप का फ़र्ज़ी आरोप लगाने वाली युवती युवक को 15 लाख रुपये मुआवजा दे : कोर्ट


चेन्नई (Chennai) . तमिलनाडु (Tamil Nadu) के चेन्नई (Chennai) में एक युवक पर रेप का फ़र्ज़ी आरोप लगाने वाली युवती को कोर्ट ने आदेश दिया है कि वह युवक को 15 लाख रुपये मुआवजा दे.

संतोष नाम के इस युवक पर एक युवती ने रेप का आरोप लगाया था. युवती गर्भवती हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया. डीएनए टेस्ट से साबित हुआ कि बच्चा संतोष का नहीं था. इसके बाद संतोष ने कोर्ट में युवती से मुआवजे की मांग की थी. संतोष ने कोर्ट में बताया कि रेप के आरोप के बाद करियर और जिंदगी दोनों तबाह हो गई. उसने कोर्ट में याचिका दायर करके उसे 30 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी.

संतोष ने अपने केस में लड़की, उसके माता पिता और उसके केस की जांच करने वाले सेक्रटेरिएट कॉलोनी पुलिस (Police) इंस्पेक्टर को वादी बनाया. संतोष के वकील ने बताया कि महिला और उसका परिवार पड़ोसी थे. दोनों एक ही जाति के थे. दोनों के परिवार ने शादी की बात की और वह भी राजी हो गया. दोनों परिवारों के बीच सब ठीक था. कुछ दिनों बाद उनके परिवार के बीच संपत्ति को लेकर कुछ विवाद हो गया.

संतोष और उनका परिवार चेन्नै के एक दूसरे इलाके में जाकर रहने लगे. संतोष ने एक प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेज में प्रवेश ले लिया. वह यहां से बीटेक करने लगा. इसी दौरान युवती की मां ने संतोष के पैरंट्स से संपर्क किया. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि संतोष और उनकी बेटी की शादी तुरंत हो जाए. संतोष ने इस शादी से इनकार कर दिया तो लड़की के घरवालों ने उसके खिलाफ रेप का केस कर दिया.

संतोष को पुलिस (Police) ने गिरफ्तार कर लिया. उसे 12 फरवरी 2010 को 95 दिनों की हिरासत में जेल भेज दिया गया. तीन महीने बाद संतोष जमानत पर बाहर आया तो उसे पता चला कि युवती ने एक बच्ची को जन्म दिया है. संतोष ने बच्ची के डीएनए टेस्ट की मांग की. डीएनए टेस्ट में पता चला कि बच्ची संतोष की नहीं थी. कोर्ट ने संतोष को आरोपों से बरी कर दिया.