Wednesday , 16 June 2021

रादुविवि में कोरोना की आहट

जबलपुर, 19 मार्च . कोरोना का असर पर शैक्षिणिक संस्थाओं पर भी नजर आने लगा है. जहां बीते दिनों होम साइंस कालेज में छात्राओं में कोरोना संक्रमण के केस सामने आए तो अब रानी दुर्गावति विश्वविद्यालय में भी कोरोना की आहट हो रही है. रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीयू) के एक वरिष्ठ अधिकारी पिछले कुछ दिनों अस्वस्थ्य चल रहे हैं.जिन्हें कोरोना संदिग्ध मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार (Friday) को आयोजित होने वाले अति महत्वपूर्ण विवि कार्य परिषद की बैठक को केंसल कर दिया. अब ईसी की बैठक 26 मार्च को प्रस्तावित की गई है.

जानकारी के मुताबिक आरडीयू प्रशासन ने आज ईसी की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी जिसमें वित्त समिति से अनुमोदित होने के बाद बजट को स्वीकृति के लिए रखा जाना था. वहीं कर्मचारियों की निगाहें मेडिकल सैक्स स्कैंडल में निलंबित हुए कर्मचारियों को बहाल किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर ईसी क्या निर्णय लेती है उस पर थी. वहीं तकनीकी सहायकों के मामले में ईसी द्वारा गठित की गई कमेटी की रिपोर्ट भी शुक्रवार (Friday) की बैठक में रखा जाना था, लेकिन बीते तीन दिनों से एक वरिष्ठ अधिकारी अस्वस्थ्य चल रहे हैं. कल चिकित्सकों की राय पर उनका कोरोना संक्रमण से संबंधित जांचें भी कराई गई. लिहाजा वरिष्ठ अधिकारी के कोरोना संदिग्ध होने के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया कि आज की बैठक को केंसल कर दी गई है.

सस्पेंड कर्मचारियों पर होना निर्णय 2011 में मेडिकल सैक्स स्कैंडल सामने आया था. जिसमें कुछ मेडिकल छात्राओं को पास करने के बदले उनकी अस्मत की डिमांड की गई थी. उक्त मामला खुलने के बाद तत्कालीन कुल सचिव, परीक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी – कर्मचारी लपेटे में आ गए थे. उनमें से कुछ तो निलंबन काल में ही सेवानिवृत्त हो गए, लेकिन अभी करीब आधा दर्जन कर्मचारी ऐसे हैं जो निलंबित चल रहे हैं. उक्त कर्मचारियों का कहना है कि शासन के नियमानुसार तो किसी कर्मचारी को तीन साल तक ही निलंबित रखा जा सकता है. उसके बाद उन्हें जो न्यायालय का निर्णय होगा वह मान्य होगा. इस विषय पर भी शुक्रवार (Friday) को आयोजित होने वाली ईसी बैठक में मंथन होना था. लेकिन अब यह विषय आगामी दिनों में ईसी की बैठक में चर्चा में आएगा.

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