Wednesday , 16 June 2021

फसलों की खरीदी पर कोरोना का साया

भोपाल (Bhopal) . मध्य प्रदेश में गेहूं, चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीदी (उपार्जन) 27 मार्च से शुरु हो रही है. फसलों का उपार्जन कोरोना की दूसरी लहर आने के दौरान किया जा रहा है. ऐसे में सभी खरीदी केंद्रों में कोरोना की गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश राज्य शासन ने दिए हैं. जिसमें कहा गया है कि खरीदी के दौरान केंद्र में एक समय में 20 अधिक किसान एकत्र नहीं हो सकेंगे.

मुख्यमंत्री (Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में शनिवार (Saturday) से उपार्जन प्रारंभ होगा. इसमें कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा. इसके लिए सहकारिता विभाग ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे सख्ती से कोरोना के दिशानिर्देशों को लागू करें. बिना मास्क लगाए या गमछे से मुंह ढके, कोई भी व्यक्ति उपार्जन केंद्र में नहीं आना चाहिए. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी हर हाल में सुनिश्चित कराया जाना है.

बता दें कि बारिश और ओलावृष्टि की वजह से प्रभावित हुई गेहूं, चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीदी पहले 15 मार्च से शुरु होना था, लेकिन इसकी तारीख बढ़ाकर 22 मार्च की गई, लेकिन इस दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओला वृष्टि होने के कारण उपार्जन की नई तारीख शनिवार (Saturday) 27 मार्च तय की गई है. चना, मसूर और सरसों के लिए उपार्जन केंद्रों की संख्या 91 बढ़ाकर 1,085 की गई है. मध्य प्रदेश में पिछले साल 129 लाख मीट्रिक टन गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ था. इसके चलते समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीदारी हुई थी. वहीं मंडी में भी गेहूं अच्छी मात्रा में आया था.

पूरे साल ही गेहूं की आवक बनी रहती थी. इसलिए उम्मीद है कि अबकी बार भी गेहूं की अच्छी आवक रहेगी. हालांकि, पिछले दिनों मौसम के चलते कई किसानों की गेहूं की फसल प्रभावित हुई है. बावजूद अच्छी आवक की उम्मीद बनी हुई है. इसके अलावा चने की आवक भी बेहतर रहने का अनुमान है. लेकिन होली के बाद मंडियों में फसलों की आवक बढ़ेगी.

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