आर्कटिक मामलों पर सहयोग भारत और फिनलैंड के लिए अहम : एमईए

New Delhi, 6 मार्च . रायसीना डायलॉग 2026 के 11वें संस्करण का आयोजन किया गया. इस डायलॉग में फिनलैंड के President अलेक्जेंडर स्टब मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. India के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने डायलॉग से संबंधित जानकारी साझा की.

सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा, “Prime Minister Narendra Modi के निमंत्रण पर फिनलैंड के President डॉ. अलेक्जेंडर स्टब इस साल 4 से 7 मार्च तक India के दौरे पर हैं. बतौर President यह उनकी पहली यात्रा है. President के साथ एक उच्च स्तरीय मंत्री और आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ-साथ एक बड़ा बिजनेस डेलिगेशन भी है. यह दिखाता है कि दोनों पक्ष ट्रेड, बिजनेस और निवेश को द्विपक्षीय संबंधों के मुख्य स्तंभ के तौर पर कितना महत्व देते हैं.”

जॉर्ज ने आगे कहा, “वे New Delhi में 11वें रायसीना डायलॉग 2026 के उद्घाटन सत्र में हमारे Prime Minister के साथ चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल हुए और कुछ देर पहले उन्होंने संबोधन भी दिया. President स्टब की यह यात्रा फिनलैंड के Prime Minister, पेटेरी ओर्पो की इस साल फरवरी में एआई इम्पैक्ट समिट के लिए New Delhi की यात्रा के तुरंत बाद हो रही है. Prime Minister ओर्पो ने समिट के दौरान हमारे Prime Minister से भी मुलाकात की थी.”

उन्होंने कहा कि इंडिया-नॉर्डिक समिट ने दोनों देशों के नेताओं को जुड़े रहने का मौका भी दिया है. हमारे Prime Minister 2018 और 2022 में स्टॉकहोम और कोपेनहेगन में पहले और दूसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट के दौरान मिले थे. President स्टब और Prime Minister मोदी पिछले साल लगातार और करीबी संपर्क में रहे. दोनों नेता अक्टूबर 2025 में जोहान्सबर्ग में जी20 नेताओं के समिट के दौरान मिले थे. उन्होंने पिछले साल कम से कम दो बार टेलीफोन पर बात भी की थी. आज अपनी मीटिंग के दौरान, पीएम मोदी और प्रेसिडेंट स्टब ने भारत-फिनलैंड के आपसी संबंध को आगे बढ़ाया है जो तकनीकी क्षेत्र के साथ, टिकाऊ और रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ रहे हैं.

आर्कटिक से संबंधित सवाल को लेकर जॉर्ज ने कहा, “दोनों पक्षों ने संयुक्त अनुसंधान पहल, एकेडमिक एक्सचेंज और क्षमता-निर्माण प्रोग्राम के जरिए आर्कटिक मामलों पर सहयोग और बातचीत को और मजबूत करने के अपने कमिटमेंट को फिर से दोहराया है. उन्होंने फिनलैंड में हुए पहले इंडिया-फिनलैंड आर्कटिक डायलॉग, ‘द हिमालयन एंड आर्कटिक इकोसिस्टम’ पर ध्यान दिया, यह उस डायलॉग का नाम था जो फिनलैंड में हुआ था, जिसमें संसदीय, Governmentी अधिकारी, शैक्षिक और विशेषज्ञ आर्कटिक मामलों पर सहयोग को गहरा करने के लिए रणनीति और रास्तों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आए थे.”

सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने आगे कहा, “दोनों नेताओं ने इंडिया-नॉर्डिक समिट के बड़े फ्रेमवर्क के अंदर आर्कटिक काउंसिल के स्ट्रक्चर में सहयोग को आगे बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया, जो इस साल के आखिर में होगा. तो, आर्कटिक मामलों पर सहयोग और बातचीत चर्चाओं का एक जरूरी हिस्सा था.”

पश्चिम एशिया और दूसरी टकराव की स्थिति को लेकर India और फिनलैंड के पक्ष को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा, “दोनों नेताओं ने भारत, फिनलैंड और यूरोप दोनों के लिए जरूरी मुद्दों पर चर्चा की. नेताओं ने पश्चिम एशिया में मौजूदा हालात पर चर्चा की. जहां तक ​​हमारा सवाल है, हमारे प्रवक्ता ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर पहले ही कुछ बयान जारी कर दिए हैं. हमने अपनी गहरी चिंता भी जाहिर की है और संयम और तनाव कम करने की अपील की है.”

केके/एएस

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