लोक गायिका गीता रबारी के स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर जाकर टीका लगाने पर विवाद


अहमदाबाद (Ahmedabad) . एक ओर 18 से 44 साल के लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने में परेशानी हो रही है, दूसरी ओर लोक गायिका गीता रबारी के घर जाकर कोरोना रोधी टीका लगाने को लेकर विवाद पैदा हो गया है.

कच्छ के जिला विकास अधिकारी ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच के आदेश दिए हैं. दरअसल गीता रबारी ने ट्वीटर पर एक फोटो शेयर की थी. जिसमें गीता रबारी के घर पर एक नर्स (Nurse) उन्हें कोरोना रोधी टीका लगा रही है. केवल गीता रबारी को ही नहीं उनके पति समेत परिवार के अन्य लोगों का वैक्सीनेशन किया गया. बगैर रजिस्ट्रेशन के गीता रबारी को घर जाकर टीका लगाने पर लोग भड़क उठे. विवाद बढ़ने पर गीता रबारी ने ट्वीटर से ट्वीटर डिलीट कर दी. हांलाकि तब तक पोस्ट के स्क्रीन शोट वायरल होने पर कच्छ जिला विकास अधिकारी भव्य वर्मा ने मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी को जांच का आदेश दे दिया. आदेश के तहत जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जनक माढक ने माधापर की महिला स्वास्थ्य निरीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.

गौरतलब है कोरोना का टीका लगवाने के लिए 18 से 44 वर्ष के लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है और रजिस्ट्रेशन में काफी मुश्किल हो रही है. लोगों को अपने पसंद और निकट केन्द्र नहीं मिलता और उन्हें टीका लगवाने दूर जाना पड़ता है. दूसरी ओर गीता रबारी जैसी सेलिब्रिटी को बगैर रजिस्ट्रेशन के उनके घर जाकर वैक्सीन लगाने की सुविधा मुहैया कराने पर लोगों में आक्रोश भड़क उठा. कई लोगों ने गीता रबारी से रजिस्ट्रेशन के बारे में सवाल किया. जिसका गीता रबारी जवाब नहीं दे पाई और ट्वीटर पर किया पोस्ट डिलीट कर दिया.

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