Tuesday , 19 January 2021

कोरोना काल में Hepatitis and Gastro जैसी बिमारियों पर कंट्रोल


मुंबई (Mumbai) , . मुंबई (Mumbai) में कोरोना संक्रमण के दौरान अन्य बीमारियों पर कंट्रोल हुआ है. मनपा की तरफ से लगातार की गई कोशिशों के चलते हेपेटाइटिस और गैस्ट्रो जैसी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस साल मनपा ने स्वच्छ पानी की आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया. मनपा के स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया है कि शहर में शुद्ध पानी की आपूर्ति की वजह से पिछले 6 वर्षों में दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों में गिरावट दर्ज की गई है.

मालूम हो कि जनवरी, 2020 से नवंबर तक शहर में पानी की वजह से होनेवाली बीमारियों जैसे हेपेटाइटिस ए तथा ई के मरीजों की संख्या में 83.60 प्रतिशत की कमी आई है, वहीं गैस्ट्रो के मरीजों की संख्या में 68.04 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से नवंबर, 2019 के दौरान मुंबई (Mumbai) में 1,494 हेपेटाइटिस ए व ई के मरीज मिले थे, वहीं 2020 के 11 महीनों में इस रोग के सिर्फ 245 मरीज मिले हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष हेपेटाइटिस ए व ई के मरीजों की संख्या में 83.60 प्रतिशत की कमी आई है.

– गैस्ट्रो मरीजों की संख्या में गिरावट

सिर्फ हेपेटाइटिस ए व ई ही नहीं, बल्कि गैस्ट्रो मरीजों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है. 2019 में इसी दौरान शहर में 7,247 गैस्ट्रो के मरीज सामने आए थे. वहीं जनवरी से नवंबर, 2020 के 11 महीनों में मुंबई (Mumbai) में कोरोना के 2,316 गैस्ट्रो के मरीज मिले, जो दर्शाता है कि पिछले वर्ष के आंकड़े के मुकाबले इस वर्ष 68.04 प्रतिशत गैस्ट्रो मरीजों की संख्या में कमी आई है. इस संदर्भ में मनपा के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हेपेटाइटिस और गैस्ट्रो दोनों पानी से फैलने वाली बीमारियां हैं. दोनों बीमारियों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से नवंबर, 2019 के दरम्यान कुल 8,741 मामले सामने आए थे. जबकि वर्ष 2020 में इन बीमारियों के मरीजों की संख्या 2,561 है. इसका मतलब पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष इन बीमारियों की संख्या में 70.70 प्रतिशत की कमी आई है.

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