Thursday , 26 November 2020

जम्मू-कश्मीर में अस्थिरता फैलाने के लिए लगातार नए-नए हथकंडे

जम्मू (Jammu) . पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में अस्थिरता फैलाने के लिए लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुप्रचार की मुहिम फेल होने के बाद गिलगित बाल्टिस्तान में चुनाव का प्रयास और घाटी में घुसपैठ तेज करने के लिए लगातार सीमा पार से फायरिंग की जा रही है. पाकिस्तान चाहता है कि तेज ठंड से पहले घाटी में आतंकियो को बड़ी संख्या में भेजा जाए.

खुफिया सूचनाओं के मुताबिक करीब 300 आतंकी हर वक्त सीमा पर घुसपैठ के लिए तैयार रखे गए हैं. नगरोटा में जैश आतंकियो के ढेर किये जाने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान की शह पर नए हमलों की साजिश रची जा सकती है. जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान की साजिश को लेकर बहुत सतर्क रहने की जरूरत है. एक तरफ पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ दिखावटी कार्रवाई करके आंख में धूल झोंकना चाहता है. वहीं कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है. सूत्रों ने कहा, आतंकवादियों को घुसपैठ करवाने का जिम्मा पाकिस्तानी सेना की स्पेशल सर्विस ग्रुप एसएसजी को दिया गया है. आतंकी साजिश के तहत एलओसी पर पाकिस्तान की बार्डर एक्शन टीम यानी बैट को भी सक्रिय किया गया है.

कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रही है. एलओसी से सटे इलाकों में कई आतंकियों के ग्रुप पाकिस्तानी सेना के कैंपों में भी देखे गए हैं. सूत्रों के मुताबिक गुरेज,मच्छल, केरन और तंगधार सेक्टर से सटे लॉन्च पैड पर आतंकियों का जमावड़ा है. इसके अलावा नौगाम सेक्टर, नौशेरा, उरी और पुंछ के नजदीक भी आतंकी घुसपैठ के लिए जमा हैं. सूत्रों ने कहा इस बात की भी आशंका है कि घुसपैठ करने में सफल रहे आतंकी देश के अन्य हिस्सो में भी चले गए हों. इसलिए खुफिया समन्वय के आधार पर एजेंसिया सतर्क हैं.