नेताओं को ‘आउटसोर्स करके अपनी छवि बदलने की तैयारी में जुटी कांग्रेस – Daily Kiran
Saturday , 23 October 2021

नेताओं को ‘आउटसोर्स करके अपनी छवि बदलने की तैयारी में जुटी कांग्रेस

नई दिल्ली (New Delhi) . कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से कन्हैया कुमार की मुलाकात के बाद कयास लग रहे हैं कि वह कांग्रेस जॉइन कर सकते हैं. इस बीच गुजरात (Gujarat) के विधायक और युवा दलित नेता के भी कांग्रेस के संपर्क में होने की बात सामने आई है. इसके अलावा गुजरात (Gujarat) में पटेल आंदोलन के नेता रहे हार्दिक पटेल को पार्टी पहले ही शामिल कर प्रदेश नेतृत्व का हिस्सा बनाया है. कहा जा रहा है कि पार्टी कन्हैया, जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल जैसे नेताओं को ‘आउटसोर्स करके युवाओं की पार्टी न रहने का ठप्पा हटाना चाहती है. बीते कुछ सालों में जितिन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुष्मिता देव जैसे युवा नेता पार्टी को छोड़कर गए हैं.

माना जा रहा है कि इन नेताओं के जाने से खाली हुए जगह को भरने के लिए कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवानी जैसे नेताओं को पार्टी में लाने पर विचार कर रही है. 2017 में जिग्नेश मेवानी ने बनासकांठा जिले की वडगाम सीट से विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) लड़ा था,यह कांग्रेस ने अपना कैंडिडेट न उतारकर उन्हें जीतने में मदद की थी. तब से ही कांग्रेस और मेवानी के बीच अच्छे रिश्ते बने थे. सूत्रों के मुताबिक सीपीआई में कन्हैया खुद को उपेक्षित महसूस कर नेतृत्व से खफा हैं. मंगलवार (Tuesday) को उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात की थी. कन्हैया के पार्टी छोड़ने के सवाल पर सीपीआई के जनरल सेक्रेटरी डी. राजा ने कहा कि मैंने इसबारे में अटकलें सुनी हैं.

राजा ने कहा, मैं इतना ही कह सकता हूं, कि बीते महीने हमारी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक थी. इसमें कन्हैया कुमार मौजूद थे.उन्होंने वहां अपने विचार भी रखे थे. कन्हैया की ओर से अब तक कांग्रेस में शामिल होने को लेकर कोई बयान नहीं आया है, लेकिन कहा जा रहा है, कि प्रशांत किशोर के जरिए वह एंट्री कर सकते हैं. दरअसल बिहार (Bihar) में कांग्रेस का संगठन बेहद कमजोर है. उसमें नई जान फूंकने और युवाओं की पार्टी होने का तमगा हासिल करने के लिए कांग्रेस कन्हैया कुमार को लाने पर विचार कर रही है.

इसके अलावा कांग्रेस की रणनीति देश में अपनी इस छवि को खत्म करने की है कि वह युवाओं की पार्टी नहीं है. इसके अलावा वह इसतरह के युवाओं को लाने पर जोर दे रही है, जिन्होंने अपनी जमीन खुद तैयार की है. कांग्रेस को उम्मीद है कि इससे वह मिडिल क्लास के उस तबके को साध सकेगी, जो किसी बड़े परिवार से ताल्लुक रखने वाले युवा नेताओं को लेकर वंशवाद का आरोप लगाते रहे हैं. कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल जैसे नेता साधारण परिवारों से आते हैं. इससे कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि वह आम युवाओं और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना चाहती है.

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