
Bhopal , 2 अप्रैल . दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कोऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में दतिया (Madhya Pradesh) से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई है. अदालत ने उनके सह आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को भी इतनी ही सजा सुनाई है. सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने दोनों दोषियों को 50 हजार रुपये के निजी बॉन्ड पर जमानत दे दी है. उन्हें उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने के लिए 30 दिन का समय भी दिया गया है.
इससे एक दिन पहले ही कोर्ट ने राजेंद्र भारती को दोषी करार दिया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि राजेंद्र भारती को भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी के तहत आपराधिक साजिश रचने और धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े अपराधों का दोषी पाया गया है.
यह मामला लंबे समय से चर्चा में था और इसकी सुनवाई को लेकर भी विवाद हुआ था. दरअसल, राजेंद्र भारती ने अपने खिलाफ चल रहे मुकदमे को ग्वालियर की एमपी-एमएलए कोर्ट से दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए Supreme Court का रुख किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि Madhya Pradesh के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और उनके परिवार के लोग इस मामले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.
राजेंद्र भारती का यह भी कहना था कि अभियोजन पक्ष के अधिकारी भी Political दबाव में काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो रही है. इन आरोपों के आधार पर उन्होंने मांग की थी कि मामले की सुनवाई ग्वालियर के बजाय किसी अन्य स्थान पर कराई जाए. Supreme Court ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था.
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