कांग्रेस की मांग, बीमा संशोधन विधेयक का किया विरोध, सरकार इसपर पुनर्विचार करें

नई दिल्ली (New Delhi) . कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी सदस्यों ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 49 से बढ़ाकर 74 फीसदी करने के प्रावधाने वाले विधेयक का सोमवार (Monday) को लोकसभा (Lok Sabha) में विरोध किया. कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कहा कि सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए और सभी पक्षकारों के साथ व्यापक विचार विमर्श करने के बाद समग्र विधेयक लाना चाहिए. वहीं, भाजपा ने बीमा संशोधन विधेयक को देशहित में लाया गया सुधारवादी कदम करार देकर कहा कि इससे देश में गरीबों सहित अधिक से अधिक लोगों को बीमा कवर के दायरे में लाने में मदद मिलेगी.

कांग्रेस सांसद (Member of parliament) मनीष तिवारी (Manish Tiwari) ने लोकसभा (Lok Sabha) में बीमा (संशोधन) विधेयक, 2021’ पर चर्चा की शुरुआत कर कहा, 2008 में जब एफडीआई को बढ़ाने का विधेयक लाया गया था,तब उस वक्त स्थायी समिति की ने अनुशंसा की थी कि एफडीआई की सीमा को नहीं बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा, ‘‘2014 में भाजपा सरकार बनने के बाद बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी कर दिया गया. इसका जवाब दिया जाना चाहिए कि विपक्ष में रहने के दौरान भाजपा ने 10 वर्षों तक इसका विरोध क्यों किया?’’ उन्होंने कहा कि 2008 में जब दुनिया आर्थिक मंदी का सामना कर रही थी,तब भारत से मजबूती से खड़ा रहा,इसकारण बैंकिंग क्षेत्र और बीमा क्षेत्र का काफी हद तक सरकार के अधीन रहना था. उन्होंने दावा किया कि यह देखने में एक सामान्य विधेयक है, लेकिन इसका असर व्यापक रूप से प्रतिकूल होगा है.

उन्होंने कहा, केन्द्र सरकार से आग्रह है कि वह बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने के फैसले पर पुनर्विचार करे.’’ चर्चा में भाग लेकर भाजपा के जगदंबिका पाल ने कहा कि विधेयक बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने के साथ ही देश के हितों की रक्षा के प्रबंध हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी की सुरक्षा और विश्वस्नीयता को बढ़ाना भी सुनिश्चित किया जा रहा है. पाल ने कहा,इसके माधयम से विदेशी निवेश आयेगा, लेकिन संबंधित बीमा कंपनियां अपनी परिसंपत्तियां भारत में ही रखेंगी. यह विधेयक देश और निवेश दोनों के हित में है. भाजपा सांसद (Member of parliament) ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य है कि भारत के अधिक से अधिक लोगों को बीमा कवर के दायरे में लाना है और ऐसे में इसको सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए. कांग्रेस के जसवीर सिंह गिल ने कहा कि इस विधेयक को संसद की स्थायी समिति को भेजा जाना चाहिए और विभिन्न पक्षकारों के साथ व्यापक चर्चा के बाद एक समग्र विधेयक लाना चाहिए.

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