Thursday , 3 December 2020

नेतृत्व बदलने की मांग वाली चिट्ठी पर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में घमासान


नई दिल्ली (New Delhi) . नेतृत्व बदलने की मांग वाली चिट्ठी पर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में घमासान के बाद पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार (Monday) को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद से फोन पर बात की और भरोसा दिलाया कि उनकी सभी शिकायतें सुनी जाएंगी. बताया जा रहा है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद कपिल सिब्बल, मनीष तिारी, मुकुल वंशिक, आनंद शर्मा और शशि थरूर समेत कुछ अन्य कांग्रस नेता गुलाम नबी आजाद के घर एक मीटिंग के लिए गए थे.

दरअसल, नेतृत्व बदलने और पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग को लेकर कांग्रेस के करीब 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिखी थी. इसके अलोक में ही कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई. चिट्ठी के सामने आने के बाद इस पर खूब घमासान हुआ. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी यह मुद्दा छाया रहा और खुलकर एक दूसरे के प्रति कांग्रेस नेताओं की नाराजगी सामने आई. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस कार्यसमिति में इस्तीफे की पेशकश भी कर दी. उन्होंने कहा कि अगर उनके खिलाफ बीजेपी से सांठगांठ के आरोप सच साबित होते हैं तो वे इस्तीफा दे देंगे. बता दें कि खबर आई थी कि राहुल गांधी ने ही उन पर बीजेपी से सांठगांठ के आरोप लगाए थे, मगर बाद में कहा गया कि ऐसी कोई बात नहीं हुई. गुलाम नबी आजाद ने सोमवार (Monday) को ट्वीट किया मीडिया (Media) के एक हिस्से में इस प्रकार की कुछ खबरें चल रही हैं कि मैंने कांग्रेस वर्किंग कमेटी में राहुल गांधी से कहा है कि वो भाजपा के साथ मेरे सांठगांठ को साबित करें. मैं साफ कर देना चाहता हूं कि ना कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में और ना ही बाहर राहुल गांधी ने हमारी चिट्ठी को भाजपा से जोड़ा है.

एक और ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘मैंने ये कहा था कि कांग्रेस के कुछ नेता आरोप लगा रहे हैं कि हमने भाजपा की ओर से ऐसी चिट्ठी लिखी है. इसलिए मैंने बोला था कि ये काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ साथी सीडब्लूसी से बाहर इस प्रकार के आरोप लगा रहे हैं, अगर वो ये साबित कर देंगे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा. गौरतलब है कि कांग्रेस कार्यसमिति की मैराथन बैठक के बाद नतीजा यही निकला था कि सोनिया गांधी की अंतरिम अध्यक्ष रहेंगी. उम्मीद की जा रही है कि जनवरी में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की बैठक होगी और उसमें कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल जाएगा.