मध्य प्रदेश में बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति की जाएगी सुनिश्चित: सीएम मोहन यादव

Bhopal , 27 जनवरी . Chief Minister डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है. जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है.

प्रदेश में 60 हजार करोड़ रुपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थायी विकास का आधार बनेंगे. इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी. डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.

Chief Minister डॉ. यादव की उपस्थिति में Tuesday को समत्व भवन (Chief Minister निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए. अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी. Chief Minister डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के जिगिश मेहता, अदाणी पॉवर लिमिटेड के एसबी खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ. यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे. कार्यक्रम के आरंभ में Chief Minister डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया.

Chief Minister डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश-विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है. विद्युत उत्पादन में भूमि-जल-पर्यावरण-कोयला-रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है. इन सब आधारों पर Madhya Pradesh उपयुक्त है. प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं.

उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा. प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा. राज्य Government रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है. प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं.

एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं. इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था.

इसके अनुसार हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा अदाणी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट व ग्रीन्शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है. टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अदाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है. इन सभी क्षमताओं के लिए विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं. इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है.

डएनएस डीकेपी/

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