सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास नए केंद्र शासित प्रदेश को लेकर चल रहे दावे फर्जी

New Delhi, 7 मार्च . केंंद्र Government ने Saturday को social media पर चल रहे उन दावों को पूरी तरह गलत बताया, जिनमें कहा जा रहा था कि केंद्र Government रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलिगुड़ी कॉरिडोर के पास बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना बना रही है. Government ने स्पष्ट किया कि इस तरह की खबरों का कोई आधार नहीं है और यह social media पर फैल रही भ्रामक जानकारी है.

India Government की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग एजेंसी प्रेस इन्फार्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने स्पष्ट किया है कि सिलिगुड़ी कॉरिडोर के पास बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने के दावे पूरी तरह फर्जी हैं.

पीआईबी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “social media पर यह दावा किया जा रहा है कि Government सिलिगुड़ी कॉरिडोर के पास बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना बना रही है. यह दावा फर्जी है.”

एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि Government के भीतर ऐसे किसी प्रस्ताव पर कोई चर्चा नहीं चल रही है. पीआईबी ने दोहराया कि social media पर साझा की जा रही जानकारी भ्रामक और अपुष्ट है.

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए पीआईबी ने कहा, “ऑनलाइन किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि जरूर करें.”

दरअसल, social media पर कई पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि केंद्र Government सुरक्षा मजबूत करने के लिए सिलिगुड़ी कॉरिडोर के आसपास के जिलों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने पर विचार कर रही है.

इन अफवाहों के मुताबिक प्रस्तावित क्षेत्र में बिहार के पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के साथ पश्चिम बंगाल के मालदा और उत्तर दिनाजपुर जिलों को शामिल किया जा सकता है. हालांकि Government ने अब स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा कोई आधिकारिक प्रस्ताव मौजूद नहीं है.

सिलिगुड़ी कॉरिडोर जिसे अक्सर “चिकन नेक” कहा जाता है, उत्तरी बंगाल में सिलिगुड़ी के आसपास स्थित एक संकीर्ण भूभाग है. सबसे संकरे हिस्से में इसकी चौड़ाई लगभग 20 से 22 किलोमीटर और लंबाई करीब 60 किलोमीटर है.

यह कॉरिडोर India के मुख्य भूभाग को पूर्वोत्तर के आठ राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा और सिक्किम से जोड़ने वाला एकमात्र स्थलीय मार्ग है. इसलिए यह क्षेत्र देश के लिए आर्थिक, परिवहन और सैन्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.

एसडी/आरएडी/पीयूष

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