सैटेलाइट इमेज के जरिए होगा अतिक्रमण की जमीन पर किसानों की आबादी के दावे का निपटारा

नोएडा, 9 मार्च . नोएडा में लगातार हो रहे किसान आंदोलन का निपटारा करने के लिए नोएडा प्राधिकरण जल्द ही सैटेलाइट इमेज का सहारा लेगा. इसमें अतिक्रमण की जमीन पर किसानों की आबादी का निपटारा होगा. यह सर्वे आबादी नियमावली 2011 के अनुसार किया जाएगा और अभियान के तहत गांव-गांव में कैंप भी लगाए जायेंगे.

अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत अधिकतर मामलों में प्राधिकरण का दस्ता, किसानों इस दावे के बाद वापस लौट आता है कि ये उनकी आबादी की जमीन है. इसे परिसीमन में निर्धारित किया गया है. अब प्राधिकरण इसका सर्वे कराएगा. किस गांव में कितनी जमीन आबादी की है और कितना अतिक्रमण किया गया है. इसकी एक बड़ी वजह अतिक्रमण के साथ कोर्ट केस भी है. नोएडा में हजारों मामले कोर्ट में सिर्फ आबादी निपटारा से संबंधित हैं.

प्राधिकरण के ओएसडी महेंद्र प्रसाद ने बताया कि आबादी की जमीन के निपटारे के लिए नोएडा प्राधिकरण का भूलेख विभाग गांव-गांव अभियान शुरू करने जा रहा है. बदौली बांगर गांव से मंगलवार से कैंप शुरू होगा. इसमें किसानों का वर्ष 2011 के हिसाब से आबादी का निपटारा 450 वर्ग मीटर से किया जाएगा. किसानों के सभी दस्तावेजों की पड़ताल होगी. यह भी देखा जाएगा कि उसकी कितनी जमीन अधिगृहीत हुई है, उसमें कितने खातेदार शामिल रहे हैं. किस-किस को कितना फायदा मिल चुका है. किसका मामला कोर्ट में है और इनको कितना मुआवजा दिया जा चुका है.

हालांकि भारतीय किसान परिषद की ओर से मांग की जा रही है उनकी आबादी को 450 वर्गमीटर से बढ़ाकर 1000 वर्गमीटर किया जाए. इस मांग के लिए एक हाई लेवल कमेटी गठित की गई है. सर्वे के ये दस्तावेज भी इस हाइलेवल कमेटी के सामने रखे जाएंगे. इसके बाद तय किया जाएगा कि आबादी को विस्तारित किया जाए या नहीं.

पीकेटी/