पटना, 30 मार्च . केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं. इस बीच एनडीए घटक दलों में शामिल लोजपा (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए को गौर से देखें तो इसमें विनिंग कॉम्बिनेशन है. आने वाले चुनाव में यह गठबंधन ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा.
उन्होंने कहा कि चुनाव का वर्ष है. एनडीए के साथी समय-समय पर मिलकर एक-दूसरे को समझ रहे हैं. कुछ दिन पहले हमारी दिल्ली में मुलाकात हुई थी.
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ रहा है, जबकि विपक्ष में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है. वे न चेहरा तय कर पा रहे हैं, न गठबंधन का स्वरूप तय कर पा रहे हैं. राजद और कांग्रेस में जिस तरह से दरारें देखने को मिल रही हैं, वह यह दर्शाता है कि एक तरफ विपक्ष बिखरा हुआ है, तो वहीं दूसरी तरफ मजबूत एनडीए है.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि अमित शाह बिहार में मौजूद हैं. इस दौरान वे इस बात को समझेंगे कि जनता को इस गठबंधन से क्या आशाएं हैं. साथ ही गठबंधन के साथियों के साथ मुलाकात में यह भी विचार किया जाएगा कि हम और बेहतर कर सकें. इस दिशा में भी चर्चा होगी.
चारा घोटाले में गबन की गई राशि को वापस लिए जाने के बिहार सरकार के प्रयास पर उन्होंने कहा कि घोटाले की राशि वसूलना बिल्कुल सही है. ये जनता का पैसा है, वापस आना ही चाहिए. लुटे गए पैसे जनता के थे. विधानसभा चुनाव में एनडीए के चेहरे को लेकर उन्होंने कहा कि हमारा नेता कौन होगा, किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेंगे, हमारे लिए ये मुद्दा है ही नहीं. आज की बैठक में हम लोग उससे आगे बढ़ेंगे. सभी घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष सभी जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहे हैं. इससे एकजुटता का संदेश गया है.
उन्होंने कहा कि महागठबंधन में सब कुछ को लेकर लड़ाई है. अभी तो असली लड़ाई सीट शेयरिंग को लेकर होगी. पिछली बार कांग्रेस को 70 सीट मिली थी, तो इस बार भी कम से कम उतना ही मांगेगी. सीट बंटवारा महागठबंधन के लिए मुश्किल होने वाला है. एनडीए में बड़ी सहजता से यह कार्य होगा.
वक्फ संशोधन बिल पर उन्होंने कहा कि शुरू से हम लोगों ने स्पष्ट कर के रखा था कि सबकी बात सुननी चाहिए. तभी यह बिल जेपीसी में गया. हमारी पार्टी के लोग भी उस समिति में थे. कई मुस्लिम संगठन हैं, जो बदलाव के समर्थन में हैं. सड़कों पर नमाज और नवरात्रि में मीट की दुकानों को बंद करने पर उन्होंने कहा कि ये सब फालतू बातें हैं. शुरू से सारे धर्मों के लोग शांति से अपना पर्व मनाते रहे हैं. इस पर चर्चा होनी ही नहीं चाहिए.
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एमएनपी/एफजेड