वक्फ संशोधन बिल को लेकर जानबूझकर फैलाया जा रहा भ्रम : चिराग पासवान

नई दिल्ली, 2 अप्रैल . वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. इस बिल पर पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अपने-अपने विचार रखे हैं. जहां सत्तापक्ष इसे गरीबों और मुस्लिम समुदाय के हित में बता रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने और सत्ताधारी दल के फायदे का हथियार करार दिया है.

इस बिल पर लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के नेता चिराग पासवान, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता किरण चौधरी ने से बातचीत में अपनी राय रखी.

एलजेपी (आरवी) नेता चिराग पासवान ने इस बिल का समर्थन करते हुए कहा कि यह कोई नई बात नहीं है कि इस तरह के कानून में संशोधन हो रहा हो. उन्होंने बताया कि 2013 तक भी इसमें कई बार बदलाव किए गए थे, लेकिन तब किसी ने इसे असंवैधानिक नहीं कहा.

चिराग ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “आज कुछ लोग इसे असंवैधानिक और मुस्लिम विरोधी बता रहे हैं. क्या भारत की संसद में कोई असंवैधानिक चीज पास हो सकती है? यह लोग जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि इस संशोधन को सोच-समझकर तैयार किया गया है और इसमें सभी दलों के सदस्यों की सहमति शामिल है.

चिराग के मुताबिक, इस बिल का मकसद शोषित मुस्लिम समुदाय की शक्तियों को बढ़ाना और उन्हें न्याय दिलाना है. उन्होंने विपक्ष पर गरीब मुस्लिमों के हक छीनने और उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया. चिराग ने अपने पिता राम विलास पासवान का जिक्र करते हुए कहा, “2005 में मेरे पिता ने अपनी पार्टी को खत्म कर एक मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने की वकालत की थी. तब विपक्ष कहां था? आज ये लोग नहीं चाहते कि गरीब मुस्लिम आगे बढ़ें.”

उन्होंने सीएए का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष ने पहले भी भ्रम फैलाकर आगजनी जैसी स्थिति पैदा की थी.

वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस बिल को लेकर सत्तापक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह बिल किसी के विरोध में नहीं, बल्कि मूल मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की साजिश है.

डिंपल के मुताबिक, “इस बिल से आम जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला. यह सिर्फ सत्तापक्ष के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लाया गया है.”

उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में बेरोजगारी और महंगाई जैसे बड़े मुद्दे हैं, तो ऐसे बिल की क्या जरूरत है. डिंपल ने इसे जनता के साथ धोखा करार दिया और कहा कि सरकार को असल समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.

बीजेपी नेता किरण चौधरी ने इस बिल को गरीब मुस्लिम महिलाओं के उत्थान के लिए अहम कदम बताया. उन्होंने कहा, “लोगों में इस बिल को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, लेकिन यह बहुत अच्छा कदम है. यह गरीब मुस्लिम महिलाओं के हित में है.”

किरण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह बिल 20 साल पहले ही आ जाना चाहिए था. उन्होंने इसे ऐतिहासिक कदम करार दिया और कहा कि यह समाज के कमजोर वर्ग को मजबूती देगा.

एसएचके/केआर