चीन के दो सत्र वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए मार्गदर्शक : स्विस-एशियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष

बीजिंग, 2 मार्च . चीन के वार्षिक दो सत्र – चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसलटेटिव कॉन्फ्रेंस (सीपीसीसी) और नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) – दुनिया भर में व्यापक ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. स्विस-एशियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष उर्स लस्टनबर्गर ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह 1980 के दशक के अंत में पहली बार चीन आए थे और तब से कई बार चीन का दौरा कर चुके हैं.

उन्होंने पिछले दशकों में चीन की जबरदस्त आर्थिक प्रगति को नजदीक से देखा है. उनका मानना है कि दो सत्र दुनिया के लिए चीन को समझने की एक महत्वपूर्ण खिड़की हैं, और वह इस साल की बैठकों से मिलने वाली जानकारी पर खास ध्यान दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि दुनिया के हर नेता को चीन के दो सत्रों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह तय करेगा कि निकट भविष्य में चीन में क्या होने वाला है. जब दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, तब दो सत्र एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं और यह संकेत दे सकते हैं कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक, चीन किस दिशा में आगे बढ़ेगा. यह भविष्य में स्थिरता बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण कारक भी हो सकता है.

लस्टनबर्गर ने कहा कि उन्होंने चीन के बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय बदलाव देखे हैं. उनके अनुसार, चीन ने प्रथम श्रेणी के बुनियादी ढांचे के विकास में भारी निवेश किया है, जो वैश्विक स्तर पर अनूठा है. एक बार जब यह बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो इसके ऊपर औद्योगिक विकास, सेवाओं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने इसे “एक विशाल क्षेत्र”, यानी व्यापार और नवाचार के लिए एक आदर्श मंच बताया.

लस्टनबर्गर ने यह भी बताया कि स्विट्जरलैंड, चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला पहला महाद्वीपीय यूरोपीय देश था, और स्विस कंपनियों को इस साझेदारी का फायदा मिला है. हाल के वर्षों में चीन और अधिक उदार हुआ है और उसने कई सुविधाजनक नीतियां अपनाई हैं. हाल ही में लागू वीजा सुविधा उपायों ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया है, जिससे व्यापार और लोगों के आवागमन में आसानी हुई है.

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

एकेजे/